
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के मृत बाईसिक्स कर्मी आलोक रंजन की विधवा को केस वापस लेने को लेकर धमकियाँ मिल रही है. परसुडीह थाना प्रभारी के नाम से समझौता के मैसेज देकर राकेश कुमार जो खुद को दूर का रिश्तेदार बन साथ में एक व्यक्ति जिन्हें राहरगोड़ा का सरपंच बताने वाला नाम का एक शख्स लगातार केस वापस लेने की धमकियां देकर दबाव बना रहा है. वहीं संदीप बर्मन, नागेंद्र कुमार, राहुल सिंह, प्रवीण मोहंती समेत अन्य लोगों द्वारा फेसबुक के माध्यम से अपमानजनक टिप्पणियां कर लज्जा भंग किया जा रहा है. स्वर्गीय आलोक रंजन की विधवा ने शनिवार को ही इस मामले की लिखित शिकायत गोलमुरी और साइबर थाना में किया था. इसके बावजूद धमकियाँ मिलने और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचारित करने का सिलसिला बंद नहीं हुआ. सोमवार को पीड़िता ने सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट से मिलकर धमकी भरे फ़ोन कॉल और सोशल मीडिया पर हो रहे दुष्प्रचार के आशय में अवगत कराया.
पीड़िता ने सिटी एसपी को बताया कि ये सबकुछ संभवतः परसुडीह थाना में दर्ज़ केस में अभियुक्त टाटा मोटर्स के सुरक्षा अधिकारी विशाल सिंह, आरके सिंह और टाटा मोटर्स यूनियन के नेताओं के प्रशय और षड्यंत्र के तहत कराया जा रहा है. पीड़िता ने मामले में अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर जेल भेजने की गुहार लगाई ताकि उसे और उनके दिवंगत पति को न्याय मिल सके. सिटी एसपी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस सही दिशा में जाँच कर रही है और जल्द ही कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने फेसबुक पर महिला को दुष्प्रचारित करने और फ़ोन कॉल द्वारा धमकाने के मामले में साइबर थाना को ज़रूरी निर्देश देते हुए पीड़िता को कानून-सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिया. सिटी एसपी ने महिला को आश्वस्त कर कहा कि किसी भी स्थिति में धमकियाँ मिलने अथवा असुरक्षा महसूस होने पर वे स्थानीय थाना अथवा सीधे उनको सूचित कर सकतीं है.
सिटी एसपी से मिलने के दौरान पीड़िता के संग आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी, टेल्को यूनियन के पूर्व महामंत्री प्रकाश कुमार सिंह और जदयू नेता संजीव आचार्य मौजूद थे. आजसू नेता अप्पू तिवारी ने मांग किया कि पीड़िता को न्याय मिले इसके लिए जरूरी है कि अभियुक्त सुरक्षा अधिकारी विशाल सिंह और आरके सिंह की अविलंब गिरफ्तारी हो. वहीं टाटा मोटर्स की स्थानीय मैनजमेंट फ़ौरन अभियुक्तों को बर्खास्त करें. कहा कि यह मामला टाटा मोटर्स कंपनी के कोड ऑफ कंडक्ट तथा महिला उत्पीड़न पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के ख़िलाफ़ किया गया आचरण है. स्थानीय कंपनी प्रबंधन द्वारा अभियुक्तों के बचाव में अबतक कोई एक्शन ना लिये जाने पर पूर्व महामंत्री प्रकाश कुमार और यूनियन नेता हर्षवर्धन सिंह ने भी चिंता ज़ाहिर की. कहा कि एक कंपनी में दो तरह के क़ानून चलना गलत है. छोटे कर्मचारियों पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू होती है और बड़े अधिकारियों के बचाव में स्थानीय प्रबंधन की कार्रवाई सुस्त हो जाती है.















