
जमशेदपुर : वैश्विक महामारी के इस दौर में भले ही केंद्र सरकार की ओर से 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा कर दी गई है. लेकिन यह राहत आम लोगों तक कब तक पहुंचती है यह अहम मुद्दा है. वैसे अब तक जो दृश्य सामने आ रहे हैं उससे दिहाड़ी मजदूरों से लेकर मिडिल क्लास सभी बेहाल हैं. इन सबके बीच स्कूली ऑटो और वैन चालक भी अब अपना सब्र खो चुके हैं. जहां इनके द्वारा झारखंड सरकार से अविलंब राहत मुहैया कराए जाने की मांग की जा रही है. इनका कहना है कि देश के अन्य राज्यों के तर्ज पर यहां के भी स्कूली ऑटो वैन चालकों के लिए सरकार राहत पैकेज की घोषणा करें. वहीं इन्होंने साफ कर दिया है कि एक सप्ताह के भीतर अगर सरकार ऑटो चालकों और वैन चालकों के खाते में दस हजार रुपए जमा नहीं कराती है तो आने वाले दिनों में ये उग्र आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे. इन्होंने बताया कि अपनी फरियाद उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर सरकार के मंत्रियों तक पहुंचा दी है. जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालन समिति की ओर से सरायकेला- खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत जितने भी स्कूली वैन और ऑटो चालक हैं सभी के साथ मिलकर यह मांग सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष रखी गई. वैसे निश्चित तौर पर पिछले 2 महीनों से इन ऑटो चालकों के समक्ष भुखमरी की समस्या आन पड़ी है. ऐसे में सरकार को इनकी मांगों पर विचार करने की जरूरत है. हालांकि ये ऑटो चालक स्कूली बच्चों के अभिभावकों पर भी लॉक डाउन की अवधि का पैसा देने का दबाव बना रहे हैं.














