
जमशेदपुर : यह शहर विविधता भरा जरूर है, लेकिन जहां मानवता की बात आती है, अनेकता में एकता नजर आती है, यहां अंधापन निवारण अभियान का यह कार्य इतना बेहतरीन चल रहा है की जितनी तारीफ की जाए कम है. समाजसेवी स्वर्गीय केके सिंह की याद में नेत्र ज्योति महायज्ञ का आयोजन दर्शाता है कि मानवीय पीड़ा को दूर करने की हमारी साझा सोच है और हम इसी सोच के साथ अपने इस शहर को और बेहतर बनायेंगें. उक्त विचार स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने जिला स्तरीय नेत्र जांच शिविर के समापन पर बागबेड़ा थाना चौक स्थित राम मनोहर लोहिया नेत्रालय में व्यक्त किया.
उन्होने कहा कि झारखंड सरकार की सोच है कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों के चेहरों पर खुशी रहे ताकि वे अपने यहां के रोगी व जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी ला सके और उनकी खुशी से ही सरकार के चेहरे पर खुशी आयेगी. उन्होने ऑपरेशन करने वाले चिकित्सीय टीम प्रमुख डॉ बीपी सिंह, डॉ पूनम सिंह, डॉ विवेक केडिया तथा उनके साथ जुड़े अन्य पारा मेडिकल टीम तथा वॉलंटियर को सम्मानित किया.

कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में झारखंड के लोगों के लिए अपनी पूरी ताकत से कार्य करने के लिए राम मनोहर लोहिया नेत्रालय तथा रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा मंत्री को शॉल ओढाकर सम्मानित किया गया. ज्ञातव्य हो कि जिला के उपायुक्त सूरज कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन व रेड क्रॉस सोसाइटी, पूर्वी सिंहभूम के सहयोग से राष्ट्रीय अंधापन निवारण का यह अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका वार्षिक आयोजन नेत्र ज्योति महायज्ञ के रूप में प्रतिवर्ष जनवरी के प्रथम सप्ताह में आयोजित होता है, जो आज सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम के दौरान जिला में कोरोना काल में जरूरतमंद मरीजों को प्लाज्मा उपलब्ध कराने के लिए प्लाज्मा डोनेशन की नोडल पदाधिकारी तथा वर्तमान में अंधापन निवारण अभियान की नोडल पदाधिकारी परिक्ष्यमान उपसमाहर्ता स्मिता नागेशिया को सम्मानित किया गया. साथ ही रेड क्रॉस के एसडीपी तथा प्लाज्मा डोनेशन के प्रभारी प्रभुनाथ सिंह को भी सम्मानित किया गया. मंत्री द्वारा मौके पर ऑपरेशन कराये नेत्र रोगियों को दवा व कम्बल भी प्रदान किया गया. कार्यक्रम के दौरान नेत्र चिकित्सक डॉ बीपी सिंह ने नेत्र रोगियों को ऑपरेशन के पश्चात की सावधानी बताया.













