रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : नक्सलियों के लगातार आइईडी ब्लास व पुलिस की गतिविधियों से परेशान कुइड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बैठक की. आठ वन ग्रामों के करीब पांच सौ लोगों की हुई इस बैठक में सोनुआ थाना प्रभारी भी शामिल हुए. ग्रामीणों ने बैठक के बाद थाना प्रभारी को 14 सूत्री मांग पत्र सौंपा. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गये मांग पत्र में ग्राम सभा का उल्लंघन नहीं करने, सर्च ऑपरेशन में घर मालिक के होने पर ही घर में पुलिस के जूते खोल कर प्रवेश करने, स्कूल के सारे कमरे खाली कराने, ताकि बच्चों की कक्षाएं नियमित कराई जा सकें एवं मध्याह्न भोजन भी सुचारू रूप से चल सके. माइलपी जाने वाले बंद रास्ते को खोलकर आवागमन बहाल करने की मांग शामिल है. इसी तरह मांग पत्र में लड़कियों से छेड़खानी व बदसलूकी बंद कराने, सी आर पी एफ की ओर से गोला-बारूद दागा जाना बंद कराने, निर्दोष ग्रामीणों को गिरफतार नहीं करने, पूछताछ के नाम पर 24 घंटे से अधिक हिरासत में न रखने, 9 वन ग्रामों में पीने के लिए चपाकल लगवाने, गांव में सोलर लाइट की व्यवस्था कराने, सीआरपीएफ में हो भाषा के जानकार व्यक्ति को साथ रखे जाने, आइईडी खोजने में ग्रामीणों को जबरन नहीं लगाने, जंगल में लकड़ी, पत्ता लाने में ग्रामीणों को परेशान नहीं करने की मांगें भी शामिल हैं.(नीचे भी पढ़ें)
इन गांवों में हो रही परेशानी
हाल के दिनों में पुलिस व माओवादियों के बीच चल रही आइईडी ब्लास्टिंग में आठ वन ग्रामों के करीब 2000 से अधिक की आबादी के परेशान है. इन गांवों में गोइलकेरा प्रखण्ड के कुइडा पंचायत अंतर्गत के माइल पी, मेरालगाडा, हाथीबुरू, बोई पासन, लवाबेड़ा, चिरियाबेड़ा, तिलयबेडा, रबुआ हातु आदि सर्वाधिक प्रभावित हैं.(नीचे भी पढ़ें)
क्या कहा मुखिया ने
पुरे मामले पर मुखिया डॉक्टर दिनेश ने कहा कि पुलिस अपना काम करे, लेकिन आम जनता को परेशान न करे. जनता इसको लेकर ज्यादा परेशान है. रोजी-रोजगार से लेकर दो जून की रोटी पर भी आफत आ गई है. इस पर प्रशासन गंभीरता से विचार करे. कुईड़ा पीड़ के मानकी प्रेम प्रकाश ने भी जनता की समस्याओं की जानकारी देते हुए कई मांगें रखीं.(नीचे भी पढ़ें)
ज्ञापन सौंपा गया
ग्रामीणों के साथ थाना प्रभारी की हुई बैठक में ग्रामीणों की ओर से करीब 200 से भी अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त एक ज्ञापन थाना प्रभारी सोहनलाल को सौंपकर अपनी मांगें रखीं.



