नयी दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक हुई, जिसमें बाद रेपो रेट में किसी तरह का कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है. समिति के फैसलों की जानकारी देते हुए गवर्नर शक्ति कांत दास ने कहा कि रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया गया है.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसमें लगातार ग्रोथ जारी है. वैश्विक विकास में भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 15 फीसदी का योगदान दे रही है. आरबीआई ने फरवरी, 2023 में आखिर बार रेपो रेट में बदलाव किया था. जिसके बाद लोन लगने वालों के समक्ष नयी परेशानियां खड़ी हो गयी थी.(नीचे भी पढ़े)
क्या है रेपो रेट
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई दूसरे बैंकों को कर्ज देता है. अगर रेपो रेट बढ़ाई जाती है तो बैंकों को रिजर्व बैंक से महंगी दर पर कर्ज मिलता है, जिसके चलते लोन लेने वालों की मुश्किलें बढ़ जाती है. इस बार रेपो रेट को बरकरार रखा गया है ताकि लोगों को और अधिक परेशानी न हो.












