जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधिकृत ”टाटा वर्कर्स यूनियन” के पदाधिकारियों के बीच भले ही विवाद होता रहे. एक दूसरे पर टिका टिप्पणी करते रहे. लेकिन वे लोग इंडस्ट्रियल टूर पर एक साथ ही नजर आ रहे है. चाहे टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु हो या फिर हाल में उनके विरोधी के तौर पर खुलकर सामने आये महामंत्री सतीश सिंह या फिर अन्य सारे पदाधिकारी, एक साथ टूर कर रहे है. उनके लिए आलिशान होटल से लेकर सारी व्यवस्था कंपनी की ओर से की गयी है. इसमें सारे पदाधिकारी शामिल रह रहे है. लेकिन यहां अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है. जमशेदपुर आते ही उनके बीच विवाद शुरू हो जाता है, जो बढ़ता ही जाता है. खैर, इंडस्ट्रियल टूर की जहां तक बात है तो शुक्रवार को इस यात्रा के दौरान यूनियन नेतृत्व ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खालापुर तालुका में स्थित टाटा स्टील के खोपोली प्लांट का दौरा किया और वहां की आधुनिक विनिर्माण तकनीकों एवं कार्यप्रणालियों का जायजा लिया. यह इंडस्ट्रियल टूर प्रबंधन और यूनियन के बीच औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने, आधुनिक औद्योगिक प्रथाओं (बेस्ट प्रैक्टिस) को समझने और कार्यस्थल पर उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल को खोपोली प्लांट के संचालन, डाउनस्ट्रीम क्षमताओं और इसके रणनीतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई. खोपोली प्लांट टाटा स्टील के डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां मुख्य रूप से स्टील की प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड (मूल्य-संवर्धित) उत्पादों का निर्माण किया जाता है. इसमें कोल्ड रोल्ड (सीआर) कॉइल एवं शीट्स गैल्वेनाइज्ड एवं गलवैल्यूम कॉइल एवं शीट्स कलर कोटेड स्टील उत्पादउच्च गुणवत्ता वाले विभिन्न प्रकार के स्टील पाइप्स और ट्यूब्स एपीआइ पाइप्स एवं स्ट्रक्चरल ट्यूब्सअन्य संबंधित औद्योगिक एवं इंजीनियरिंग उत्पादन होता है. प्लांट के पर्यावरणीय स्वीकृति से संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, यहां विभिन्न अत्याधुनिक उत्पादन इकाइयों की कुल स्थापित क्षमता का रणनीतिक उपयोग किया जाता है. खोपोली प्लांट भौगोलिक दृष्टिकोण से टाटा स्टील के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह इकाई विशेष रूप से पश्चिमी भारत के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और ऑटोमोबाइल बाजारों की जरूरतों को पूरा करती है. ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए आवश्यक उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादों की समय पर आपूर्ति में इस प्लांट की भूमिका सर्वोपरि है. इंडस्ट्रियल टूर के दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व ने खोपोली प्लांट के प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया. यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के दौरों से अन्य प्लांट्स की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, सुरक्षा मानकों और उत्पादन तकनीकों को करीब से समझने का अवसर मिलता है. यूनियन नेतृत्व ने बेहतर समन्वय, पारदर्शी संवाद और औद्योगिक सद्भाव बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई.












