जमशेदपुर : काफी मशक्कत और परेशानियों के बाद टाटा स्टील मेरामण्डली की अधीकृत यूनियन टाटा स्टील मेरामंडली वर्कर्स यूनियन को रजिस्ट्रेशन नंबर मिला. यूनियन के रजिस्ट्रेशन में लगभग 10 महीने का समय लगा. कर्मचारियों द्वारा मार्च 2025 में यूनियन के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया गया था. इस अवधि में मैनेजमेंट द्वारा अवरोध के बावजूद कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और लेबर कमिश्नर से की थी. इसके फलस्वरूप ढेंकानाल जिला लेबर कमिश्नर ने कंपनी परिसर में आकर भौतिक परिक्षण किया और यूनियन की मांग को जायज मानते हुए इसकी रिपोर्ट अंगुल रेंज के जॉइंट लेबर कमिश्नर को सौंपी. (नीचे भी पढ़ें)
रजिस्ट्रार सह जॉइंट लेबर कमिश्नर ने शनिवार को यूनियन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया जिसको यूनियन की तरफ से यूनियन के अध्यक्ष बिक्रम सिंह सुभ्रांशु शेखर सामल (सामल बाबू) ने रिसीव किया. यूनियन का रजिस्ट्रेशन हो जाने से कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है. अब टाटा स्टील मेरामण्डली के मजदूरों की भी जमशेदपुर और कलिंगानगर की तरह एक आवाज़ मिल गयी है. जल्द ही यूनियन के पदाधिकारी मैनेजमेंट को स्वीकृति के लिए पत्र लिखेगी. नए यूनियन के समक्ष होगी चुनौतियां जमशेदपुर और कलिंगानगर की भाति वेज रिवीजन के लिए दवाब होगा. पूर्व में कर्मचारियों का अप्रेज़ल पीएमस सिस्टम से होता था. इसमें भेदभाव के कारण कर्मचारियों में असंतोष होता था, जिसका नकारात्मक प्रभाव कर्मचारियों के कर्रिएर पर पड़ता था. (नीचे भी पढ़ें)
निम्न ग्रेड मिलने से कर्मचारियों के नौकरी जाने का भी खतरा होता था. पीएमस हटाना यूनियन का प्रमुख मुद्दा में से एक है इसके अलावा मेरामण्डली में डीए, नाईट अलाउंस, एजुकेशन अलाउंस और अन्य अलाउंस को लागू करवाना प्रमुख है. कंपनी में बेसिक अमेनिटिस की उपलव्धता और कर्मचारियों के व्यक्तिगत मुद्दों को सुलझाना यूनियन का मुख्य उद्देश्य होगा.



