जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग शुक्रवार को हुई. इस कमेटी मीटिंग में मुख्य तौर पर वेज रिवीजन का समझौता का मुद्दा उठाया गया. सुबह 9 बजे से शाम 4.30 बजे तक यह मीटिंग हुई. इसमें कमेटी मेंबरों ने हंगामा किया. लोगों ने पहले अध्यक्ष, महामंत्री औऱ डिप्टी प्रेसिडेंट को बोलने की मांग की. इस पर अध्यक्ष ने कहा कि पहले सभी की बातों को सुना जायेगा, उसके बाद अपनी बातों को सारे पदाधिकारी हर बार जैसे रखते आये है, वैसे ही रखेंगे. इसके बाद कमेटी मीटिंग शुरू हुई. इससे पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी. फिर पिछले मीटिंग के मिनट्स को पढ़कर सुनाया गया. कोषाध्यक्ष आमोद दुबे ने चार माह का एकाउंट पेश किया. इस दौरान कमेटी मेंबर बमबम ने सवाल उठाया और कहा कि पब्लिक रिलेशन के मद में हुए खर्चो के बढ़ने पर प्रश्न पूछा. आमोद दुबे ने उसको सही तरीके से अपना जवाब दिया. (नीचे भी पढ़े)

एनी अदर मैटर होने के कारण कुछ कमेटी मेंबरों ने अपनी बात को रखा. इस दौरान पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने ट्रेड अप्रेंटिस 2023 बैच को टाटा स्टील में नहीं लेने पर आक्रोश जताया और याद दिलाया कि जब 2019 के वेज रिवीजन के समय विपक्ष में पिछली बार टुन्नू चौधरी थे तो अपने कुछ सहयोगी के साथ अलाउंस के एरियऱ का डिमांड किए थे. ज्ञापन दिए थे कि एनएस ग्रेड के डीए पर प्वाइंट वैल्यू कम से कम 4.50 होना चाहिए था, जिसको उन्होंने याद दिलाया और यह भी याद दिलाया कि उसे समय मैं आप जो वादा किए थे, अब तो आप खुद अध्यक्ष हो गए हैं इसको किया जाए. पावर हाउस के कमेटी मेंबर तपन कुमार ने इसीबीएस पास करने में काफी मुश्किल हो रहा है और छोटी-छोटी कंपनियों से हम लोग का ग्रेड का कंपैरिजन ना किया जाए. सिंटर प्लांट के शिवेश वर्मा ने 1959 के वेज रिवीजन से शुरू करके 1965,1970, 1975 1979, 1983, 1989,1995,2010, 2014, 2019 के पूरे ग्रेड में मुख्य, मुख्य बिन्दुओ, को अच्छी तरीका से हाउस में इसको रखा और साथ ही साथ अध्यक्ष को और पूरे टीम को ग्रेड मे मूलभूत संरचना में कोई छेड़छाड़ नहीं करने को आगाह किया. टीएमएच के राकेश कुमार सिंह ने कहा कि आईबी 500 रुपये केवल टीएमएच में मिलता है, एफडीए 4000 होना चाहिए. (नीचे भी पढ़े)

एजुकेशन एलाउंस काफी कम है. एनएस को ओएस कम्पनशेषण अमाउंट देना चाहिए और कमेटी मीटिंग में एनी अदर मैटर को काफी कम रखा जाता है. एसएमडी के प्रदीप कुमार ने अध्यक्ष से ग्रेड रिवीजन को लेकर न्यू सीरीज कर्मचारियों का चार प्रमुख बिंदु रखा और मांग की कि न्यूनतम एमजीबी 15000 रुपये, फिक्स डीए 5000, वीडीए 6 रुपये प्रति प्वाइंट, वार्षिक इंक्रीमेंट 3 फीसदी करने, की मांग की. कोक प्लांट के राजेश कुमार सिंह ने कहा कि डीए परसेंटेज में होना चाहिए. 3% का इंक्रीमेंट होना चाहिए, यूनिफार्म ग्रेड स्ट्रक्चर के नाम पर वैकेंसी नहीं भरा जा रहा है. उसको भरना चाहिए. भाजपा नेता मारुति नंदन पांडेय ने अच्छा ग्रेड करने की मांग की. बालाजी भगत ने भी ग्रेड पर अपने विचार दिए. आरसी झा ने कहा कि आपसी मतभेद को बुलाकर ग्रेड पर फोकस करना चाहिए. इंक्रीमेंट 3% का हो. डीए 3% का एनएस का होना चाहिए. एमजीबी ज्यादा मिले, ग्रेड का स्पेन बढ़ाना चाहिए. इस दौरान डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु का साथ दिया और कहा कि वे अध्यक्ष के साथ है और वहीं ग्रेड पर जानकारी देंगे. (नीचे भी पढ़े)

महासचिव सतीश कुमार सिंह ने कहा कि ग्रेड की वार्ता ही काफी लेट चालू हुई है. साथ ही महासचिव ने यूनियन में बढ़ते जातिवाद और अनुशासनहीनता पर चिंता जाहिर की. अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने सभी की बातों को सुना और कहा कि मीटिंग में महामंत्री और डिप्टी का काफी सहयोग मिलता है. उन्होंने कहा कि वेज रिवीजन को लेकर मैनेजमेंट का प्रस्ताव है कि आठ साल का किया जाये और 7.50 फीसदी एमजीबी की बढ़ोतरी की जाये. वेज रिवीजन समझौता में होने वाले देर के पीछे कारण बताया कि मैनेजमेंट ने ही वार्ता के लिए देर से बुलाना शुरू किया. दोनों ओर से बातें होनी है. एकतरफा फैसला नहीं लिया जायेगा. 16 माह 15 दिन की देरी हुई है. समझौता जल्दी और बेहतर करने की हर संभव कोशिश होगी.(नीचे भी पढ़े)
इन लोगों ने भी उठाये सवाल :
- आरसी झा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कई अहम बातें रखीं और वेज रिवीजन को कर्मचारियों के भविष्य की नींव बताया. अधिकांश कर्मचारियों के लिए वेज रिवीजन सबसे बड़ा मुद्दा है और यह केवल वर्तमान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है. यूनियन नेतृत्व और कार्यकारिणी समिति के सहयोग से हमारे पुराने विभाग से सरप्लस हुए कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में समायोजित किया जा सका, जो एक बड़ी उपलब्धि है. आज पांच-छह लोगों को छोड़कर लगभग सभी कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में समायोजित कर दिया गया है। यह यूनियन नेतृत्व और सभी कार्यकारिणी सदस्यों के सहयोग से संभव हो पाया है. वर्तमान में यूनियन के सभी निर्वाचित पदाधिकारी लगभग 11 हजार कर्मचारियों की ओर से बातचीत में शामिल हैं क्योंकि पिछले यूनियन चुनाव में कर्मचारियों ने उन पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि उस भरोसे को कायम रखना यूनियन नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
- टाटा वर्कर्स यूनियन के कमिटी मीटिंग में भाजपा बिष्टुपुर मंडल अध्यक्ष सह कमिटी मेंबर मारुति नंदन पाण्डेय ने साफ तौर पर अध्यक्ष को कहा कि सभी ओल्ड सीरीज के मजदूरों को मिनिमम 15% एमजीबी और एनएस ग्रेड को 29% एमजीबी के साथ सालाना इंक्रीमेंट 3% और 6 रुपया डीए पर पॉइंट वैल्यू मिलना ही चाहिए. यदि मजदूरों को सम्मानजनक वेतन समझौता नहीं होता है तो अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी अपनी अपनी ड्यूटी स्टार्ट कर देनी चाहिए क्योंकि मजदूरों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
- आरके सिंह इलेक्ट्रिकल टीएनडी के कमिटी मेंबर ने कहा कि खराब ग्रेड होने के बाद अगर आप सोच रहे हैं कि जात पात कर कर फिर से कुर्सी पर आ जाएंगे. आप लोग तो ऐसा नहीं होगा. अंतिम में अध्यक्ष ने अपने संबोधन में इसका जवाब दिया कि मैंने कभी भी जात पात नहीं किया, चार ट्रस्टी में एक भी अपने जात के लोगों को जगह नहीं दिया जिसके कारण मेरे जाति के कई कमिटी मेंबर नाराज भी हुए.
- एसएमडी के प्रदीप दुबे ने मांग की कि न्यूनतम एमजीबी 15000 रुपये, Fixed डीए 5000 रुपये, वीडीए 6 रुपये प्रति प्वाइंट और सालाना इंक्रीमेंट 3 फीसदी किया जाये.
- सिंपल प्लांट के राजेश कुमार सिंह ने मांग की कि सबसे पहले टॉप थ्री को प्रबंधन के साथ हुई वार्ता को हाउस के सामने स्पष्ट रूप से रखना चाहिए. उसके बाद ही कमेटी मेंबर अपनी बात रखेगा, क्योंकि वेतन समझौते से संबंधित अधिकांश बातें पिछले एक वर्ष से लगातार सभी कमेटी मेंबर कहते आ रहे हैं. हमारे एनएस ग्रेड के लिए वेतन समझौते में केवल कुछ गैर-समझौतावादी मांगें है, जिसमें डीए पर प्वाइंट 6 रुपये करने, एमजीबी 30 फीसदी करने, ब्लाकवाइज 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट और 17 माहके एलाउंस का एरियर मिलना चाहिए.
- कोक प्लांट के संतोष पांडेय ने कहा कि एमजीबी ओल्ड सीरीज का 15% से कम नहीं होना चाहिए, न्यूनतम वेतन से अधिकतम वेतन के बीच का अंतर कम से कम 22 (स्पेन)का हो।जो अभी 20 स्पेन है, वेज स्ट्रक्चर के मूल भूत संरचना में किसी तरह का छेड़छाड़ न हो, न्यू सीरीज का डीए पर प्वाइंट वैल्यू 5 रुपये से कम न हों, फिक्स डीए न्यू सीरीज का 4500 से कम न हो, ट्रेड अप्रेंटिस 2023 बैच को टाटा स्टील में समायोजित किया जाय न कि टीएसटीएल में हो. वेज रिवीजन का विषय केवल संख्या का विषय नहीं. यह कर्मचारियों के मनोबल, उनके परिवार,उनके भविष्य और उनके योगदान की पहचान से जुड़ा विषय है.
- इंजीनियरिंग सर्विसेज के बिजेंद्र कुमार साह ने मांग की कि एनएस ग्रेड के कर्मचारियों का कुछ भी चीज़ बेसिक डीए से लिंक नहीं है, इस लिए एनुअल ग्रोथ बहुत कम हो रहा है. एजुकेशन एलाउंस, यूटिलिटी एलाउंस, मोबाइल व इंटरनेट अलाउंस कि जगह एक स्पेशल एलाउंस दिया जाए जो कि या उसका नाम पर्क एलाउंस भी रखा जा सकता है. अभी एजुकेशन एलाउंस का स्कूल के फीस से कोई लिंक नहीं है.







