जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता को लेकर वार्ता एक बार फिर से शुरू हो गया है. गुरुवार को टाटा स्टील के सीएचआरओ जुबिन पालिया के स्तर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट के स्तर पर वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान पुराने वेज के करीब 4 हजार कर्मचारियों के बढ़ रहे वेतन के खर्चे पर गंभीर चिंता जतायी गयी. सूत्र बताते है कि मैनेजमेंट ने तो कहा है कि सैलेरी का जो सीलिंग 3 फीसदी सालाना की बढ़ोत्तरी के बाद है, उसकी सीलिंग को और बढ़ाया जाये. (नीचे भी पढ़े)
अगर किसी कर्मचारी का सीलिंग 50 हजार पर है तो उसकी सीलिंग को 40 हजार पर किया जाये क्योंकि हर साल 3 फीसदी बढ़ोत्तरी होने के कारण उनका वेतन काफी ज्यादा बढ़ गया है, जो कंपनी पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. इसके अलावा एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के डीए पर प्वाइंट वैल्यू को बढ़ाने से भी मैनेजमेंट ने इनकार कर दिया है. यह कहा गया है कि टाटा स्टील की ही कंपनी टाटा स्टील गम्हरिया, जेसीएपीसीपीएल, टीएसडीपीएल, टाटा बियरिंग, टीआरएफ, सीआरसी वेस्ट और वायर डिवीजन, टाटा स्टील कलर्स, टाटा मेटालिक्स, तार कंपनी, टिनप्लेट जैसी कंपनियों में 2 से 2.50 रुपये का प्रति प्वाइंट डीए है. लिहाजा, इतना बढ़ोत्तरी नहीं किया जा सकता है. मैनेजमेंट के समक्ष यूनियन ने अपना विरोध दर्ज कराया है. इसके बाद वार्ता समाप्त हो गयी है. करीब चार घंटे तक वार्ता के दौरान डीए पर प्वाइंट वैल्यू, एमजीबी जैसे विषयों पर चर्चा की गयी.







