जमशेदपुर : टाटा स्टील लिमिटेड को बड़ी कानूनी राहत मिली है. झारखंड हाइकोर्ट ने जीएसटी की मांग से जुड़ी सभी कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. यह आदेश 24 मार्च को जारी किया गया और कंपनी ने 25 मार्च को इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को दी. जून 2025 में मिले कारण बताओ सह मांग नोटिस से यह विवाद शुरू हुआ था, जो वित्त वर्ष 2018-19 से 2022-23 की अवधि के लिए 1007.54 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी देनदारी से जुड़ा है. कंपनी ने सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया के तहत पहले ही 514.19 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था, जिससे विवादित कर राशि 493.35 करोड़ रुपये रह गई थी. (नीचे भी पढ़ें)
हालांकि, 18 दिसंबर 2025 के एक निर्णय आदेश में कर के भुगतान के साथ-साथ 638.82 करोड़ रुपये जुर्माना और लागू ब्याज के भुगतान का निर्देश दिया गया था, जिससे कुल मांग 1132 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी थी. दिसंबर 2025 के इस आदेश को चुनौती देते हुए टाटा स्टील ने 11 मार्च 2026 को झारखंड हाइकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की, जिसमें इस आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी. न्यायालय ने 24 मार्च को मामले की सुनवाई की. मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी. एक नियामक फाइलिंग में टाटा स्टील के कंपनी सचिव और मुख्य कानूनी अधिकारी पर्वथीसम कांचिनाधम ने कहा कि झारखंड हाइकोर्ट द्वारा जारी आदेश की प्रति के आधार पर कंपनी सूचित करती है कि हाइकोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी आगे की कार्यवाही पर अगली सुनवाई की तारीख तक रोक लगा दी है.



