
जमशेदपुर:सुरक्षा नियमों को पुख्ता रूप से लागू करने और मुस्तैदी से अपनाने के लिए सरायकेला के पदमपुर स्थित बिजली उत्पादन करने वाले संयंत्र आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (एपीएनआरएल) के डबल्यूटीपी (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) विभाग को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया. सोमवार को कंपनी द्वारा 54वें राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सुरक्षा सप्ताह का समापन समारोह कंपनी परिसर में संम्पन्न हुआ.राजेश महतो और आलोक महतो को सबसे सचेत श्रमिक और एएचपी विभाग के विकास कुमार और सी एंड आई विभाग के आशीष कुमार को सबसे जागरूक इंजीनियर घोषित किया गया जबकि एंकोटेक को सुरक्षा जागरूक संवेदक के ख़िताब से नवाजा गया.
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों,संवेदकों व कर्मचारियों के बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया. (नीचे भी पढ़े)

सुरक्षा सप्ताह मनाने के दौरान चित्रांकन व सुरक्षा स्लोगन लिखने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. जिसमे लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. समापन समारोह की शुरुआत में सुरक्षा का झंडा फहराया गया, तत्पक्षात ऑपरेशन और मेंटेनेन्स प्रमुख एमएन सिंह ने कर्मचारियों को सुरक्षा की शपथ दिलायी.कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार मिश्रा सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी संगठन या उद्योग के लिए औद्योगिक सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए. यह संभावित खतरों और जोखिमों से कर्मचारियों, कल-पुर्जों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. (नीचे भी पढ़े)

सुरक्षा उपायों को लागू करने से न केवल कार्य के माहौल में सुधार होता है बल्कि उत्पादकता भी बढ़ती है और शून्य दुर्घटना लक्ष्य की प्राप्ति होती. इस मौके पर कंपनी के पदाधिकारी एमएन सिंह, राजेश कुमार शर्मा, अमल वैद्यया, एनएसपी राव और संजीव चौधरी ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये. अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल हुए कर्मचारियों और उनके बच्चों, कॉन्ट्रैक्टरों को पुरस्कृत किया गया.कार्यक्रम का मंच संचालन मानव संसाधन(एचआर) विभाग के प्रमुख अनिल सोनी ने किया. एमएमडी विभाग के एनएसपी राव स्वागत भाषण दिया जबकि इलेक्ट्रिकल विभाग के प्रमुख संजीव चौधरी ने सभी आगुन्तकों का धन्यवाद ज्ञापन किया. सप्ताह भर चले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मनोज आचार्यी, बिदेश बिंद, बिमल मंडल सहित सुरक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों के अहम सहयोग रहा.



