रांची : झारखंड पुलिस के महानिदेशक की अध्यक्षता में पूर्व में आयोजित 23वीं ओशोरे सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन कमिटी की समीक्षा बैठक के दौरान दिये गये निर्देशों के आलोक में रांची के पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में निर्देशों के अनुपालन से संबंधित आईजी अभियान अमोल विनुकांत होमकर (एवी होमकर) द्वारा पीएसयू से संबंधित दर्ज कांडो की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित किया गया. उक्त बैठक में देवघर एवं जामताड़ा जिला में पीएसयू से संबंधित दर्ज कांड एवं लातेहार जिला में आगजनी से संबंधित कांडो का विस्तृत रूप से समीक्षा की गयी.(नीचे भी पढ़े)

इस बैठक में डीआईजी एसआईबी चन्दन कुमार झा, एसपी अभियान अमित रेणु, एसपी एसआईबी नाथु सिंह मीणा, एसपी अपराध अनुसंधान विभाग पूज्य प्रकाश भौतिक रूप से एवं वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, दुमका व पलामू, क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक, पलामू, एवं पुलिस अधीक्षक, देवघर, जामताड़ा, लातेहार उपस्थित रहे. बैठक के क्रम में पुलिस महानिरीक्षक अभियान, झारखण्ड द्वारा देवघर, लातेहार एवं जामताड़ा जिलों में पीएसयू से संबंधित दर्ज कांडो के वर्तमान स्थिति के संबंध में व्यापक रूप से समीक्षा करते हुए संबंधित पुलिस अधीक्षकों को पीएसयू से संबंधित लंबित कांडों का त्वरित गति से निष्पादन करने, पीएसयू में घटना कारित करने से संबंधित आपराधिक गिरोह व नक्सली के विरूद्ध उचित धारा में कांड दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया..(नीचे भी पढ़े)

कांडो के अनुसंधान में आधुनिक तकनीक, डेटा विश्लेषण, जमीनी स्तर पर आसूचना तंत्र का इस्तेमाल करते हुए अनुसंधान करने, सीमावर्ती राज्यों के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर अर्तराज्यीय गिरोह के अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम वाली जगहों को चिन्हित कर साथ पीएसयू के डिपो व टर्मिनल के आस पास स्थित ढाबा व दुकानों पर विशेष निगरानी रखने हेतु सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया गया. इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक अभियान, झारखण्ड ने संबंधित प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक को पीएसयू से संबंधित दर्ज कांडो में त्वरित एवं साकारात्मक अनुसंधान हेतु जिला स्तर पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में जॉइन्ट टास्क फाॅर्स का गठन कर दोषियों के विरूद्ध साक्ष्यानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. यह भी निर्देश दिया गया कि संबंधित पुलिस महानिरीक्षक व पुलिस उप-महानिरीक्षक अपने क्षेत्राधिकार में जाकर नियमित रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मियों के साथ संपर्क स्थापित करेंगे एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित कांडों का पर्यवेक्षण करते हुए वांछित दिशा-निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे.











