नयी दिल्ली: मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक विजय शाह के विवादित बयान पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माफी नहीं मिलेगी और उनके खिलाफ एसआईटी जांच के आदेश दिए. विधायक विजय शाह ने सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे न सिर्फ सोशल मीडिया में हंगामा मचा, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी कड़ी प्रतिक्रिया आई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शाह के वकील को फटकार लगाते हुए कहा आप पब्लिक फिगर हैं. आपको सेना पर गर्व होना चाहिए, ना कि ऐसा बयान देना चाहिए.(नीचे भी पढ़े)
आपको शर्म आनी चाहिए. हालांकि, अदालत ने फिलहाल विजय शाह की गिरफ्तारी पर स्टे दे दिया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश दिया कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जाए.विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि क्या पार्टी ऐसे बयानों को संरक्षण दे रही है. वहीं, भाजपा की ओर से अब तक इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है. अब जब सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले में सख्ती दिखाई है और एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं, तो आने वाले दिनों में विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.(नीचे भी पढ़े)
क्या है मामला: भाजपा विधायक विजय शाह ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी. यह बयान न सिर्फ लिंगभेदक माना गया, बल्कि सेना की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला भी समझा गया. इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, और कई पूर्व सैन्य अफसरों, महिला संगठनों और विपक्षी नेताओं ने शाह की गिरफ्तारी और निष्कासन की मांग की थी.











