जमशेदपुर : टाटा स्टील को कॉस्ट इफेक्टिव बनाया जा रहा है. इस कड़ी में कंपनी अपने सारे प्लांट में करीब 11500 करोड़ रुपये की कटौती करेगी. लागत खर्च को कम करने जा रही है. इसकी जानकारी टाटा स्टील के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सह सीएफओ कौशिक चटर्जी ने दी. शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए श्री चटर्जी ने यह बातें कहीं. बताया जाता है कि कंपनी अनावश्यक खर्चें को कम करने के लिए यह कोशिश शुरू की गयी है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 11500 करोड़ रुपये खर्च को कम करना है. करीब 18 माह में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जाना है. कंपनी के भारत के सारे प्लांट के अलावा ब्रिटेन, नीदरलैंड समेत तमाम प्लांट में यह कटौती को जारी रखा जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
नौकरियों में भी कटौती होगी. अभी हाल में नौकरियों पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है क्योंकि नयी बहालियों पर भी लगाम लग सकता है. उन्होंने शेयरधारकों के जवाब में कहा कि वित्तीय वर्ष 2030 में जब आयरन और और अन्य माइंस को मिलने में दिक्कतें होने लगेगी, जिस पर श्री कौशिक ने कहा कि इसको लेकर तैयारी कर रहे है. हम लोग बेस्ट प्रोडक्शन करना चाहते है. चीफ स्टील लोगों को उपलब्ध कराना चाहते है. किस तरह आयरन ओर के सारे तत्वों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से हो सके, इस दिशा में हम लोग काम कर रहे है. सारी चुनौतियों से निबटने की तैयारी की गयी है.











