रांची : झारखंड की राजधानी रांची में उस वक्त सनसनी फैल गई जब गाड़ीखाना इलाके में रहने वाले कोयला व्यापारी मनीष धानुका की मौत संदिग्ध हालात में हो गई. यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जहां उनके घर के एक कमरे से शव बरामद किया गया है. शव के पास से पुलिस को एक लाइसेंसी हथियार भी मिला है, जिससे गोली चलने की पुष्टि की गई है. शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. जानकारी के मुताबिक, मनीष धानुका का शव उनके घर के एक बंद कमरे में मिला. परिवार के सदस्यों द्वारा जब दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला तो शक के आधार पर उसे तोड़ा गया. अंदर जाकर देखा गया तो मनीष धानुका का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था. पास ही उनका लाइसेंसी हथियार भी मौजूद था. कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय और थानेदार आदिकांत महतो मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का मुआयना किया. (नीचे भी पढ़े)
डीएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन एफएसएल टीम को बुलाकर हथियार और कमरे की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि कोयला व्यापारी मनीष धानुका की मौत के पीछे किसी भी तरह की आपराधिक साजिश हो तो उसका खुलासा हो सके. रांची में कोयला व्यापारी मनीष धानुका की मौत को लेकर आत्महत्या या दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है, लेकिन हाल के समय में कोयला व्यापारियों पर हमलों और रंगदारी मांगे जाने की घटनाओं को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. फिलहाल पुलिस हर संभव एंगल से मामले की छानबीन करने में जुटी हुई है. मनीष धानुका के मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स को भी खंगाला जा रहा है. एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि हथियार से गोली कैसे चली और क्या वह आत्मघाती निशाना था या दुर्घटनावश ट्रिगर दब गया. मनीष धानुका को रांची में एक सफल कोयला व्यवसायी के रूप में जाना जाता था. स्थानीय स्तर पर उनके कई व्यावसायिक संपर्क थे. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनके ऊपर कोई आर्थिक या मानसिक दबाव था या नहीं. पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि क्या हाल ही में उनकी किसी से कोई विवाद हुआ था या किसी प्रकार की धमकी मिली थी.











