जमशेदपुर : टाटा स्टील मेरामण्डली में यूनियन बनाने के मतभेद को लेकर चीफ एथिक्स काउंसलर ने हेड इंडस्ट्रियल रिलेशन (ओडिशा) उत्कर्ष भरद्वाज को जांच अधिकारी बनाकर मेरामण्डली भेजा. गौरतलब है कि टाटा स्टील मेरामण्डली के कर्मचारियों द्वारा यूनियन बनाने को लेकर ढेंकानाल श्रम कार्यालय में आवेदन दिया गया गया था. आरोप यह लगाया गया कि मैनेजमेंट द्वारा रोकने का प्रयास किया गया और ह्यूमन रिसोर्स के अधिकारियो द्वारा कर्मचारियों को जबरन डरा धमकाकर कर यूनियन न बनाने को लेकर एक पेपर में हस्ताक्षर कराया जा रहा था, जिसमे लिखना था कि हम यूनियन बनाने के पक्षधर नहीं है. कर्मचारियों ने टाटा स्टील के मूल्यों और एथिक्स का पालन करते हुए इसकी शिकायत कंपनी के वरीय अधिकारी और चीफ एथिक्स काउंसलर से की थी. चीफ एथिक्स काउंसलर सोनी सिन्हा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए हेड रैंक के अधिकारी को जांच के लिए भेजा. (नीचे भी पढ़ें)
जांच अधिकारी ने मेरामण्डली पहुंचकर मामले की जांच की. जल्द ही इसकी रिपोर्ट चीफ एथिक्स काउंसलर को भेजा जायेगा और दोषियों पर करवाई की जाएगी. टाटा स्टील मेरामण्डली मैनेजमेंट द्वारा कर्मचारियों का सत्यापन करके श्रम विभाग ढेंकानाल को भेज दिया गया है. जल्द ही श्रम विभाग द्वारा इसकी रिपोर्ट बनाकर विभाग के उच्चतर अधिकारियो को भेजा जायेगा और यूनियन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरु की जाएगी. टाटा स्टील जमशेदपुर और कलिंगानगर के बाद मेरामण्डली में भी यूनियन बन जाने से कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधा भी समान हो जाएगी. ये टाटा स्टील के वन टाटा स्टील बनने की ओर महत्वपूर्ण कदम है. कर्मचारियों में इसे लेकर हर्ष का माहौल है.



