जमशेदपुर : भारत में सोना न केवल आभूषणों के रूप में, बल्कि सांस्कृतिक, पारंपरिक और निवेश के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. हाल के महीनों में सोने की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि देखने को मिली है, जिससे आम जनता के लिए इसकी खरीददारी करना बेहद कठिन हो गया है. कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेश सोंथालिया भारत सरकार के वित मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर यह आग्रह किया हैं कि सोने पर लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर में कटौती की जाए. वर्तमान में सोने पर 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग पर 5 फीसदी लागू है, जोकि बढ़ती कीमतों के साथ ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
कैट ने मांग की है कि सोने पर लागू जीएसटी को तत्काल प्रभाव से 3 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी किया जाए, सोने की खरीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु छोटे और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएं, स्वर्ण उद्योग से जुड़े कारीगरों को आर्थिक राहत प्रदान की जाए, भारत में सोना पारंपरिक अवसरों, विवाह, त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों का अभिन्न हिस्सा है. इस कारण महंगाई और अनिश्चित आर्थिक हालात में आम जनता के लिए यह सुरक्षित निवेश का माध्यम है. स्वर्ण उद्योग लाखों कारीगरों और व्यापारियों को रोज़गार प्रदान करता है. जीएसटी का बोझ इस क्षेत्र को भी प्रभावित कर रहा है. कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा कि आम जनता की कठिनाई को समझते हुए इस मुद्दे पर सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जाए.



