जादूगोड़ा: पोटका के डोमजूडी पंचायत के धोबनी गांव में शुक्रवार अहले सुबह मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी. कलियुगी मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को खुले आसमान के नीचे छोड़ कर चलते बनी. फिलहाल नवजात पूरी तरह से सुरक्षित है. मुखिया अनीता मुर्मू, जिला परिषद् हिरण्यमय दास, व जादूगोड़ा पुलिस की पहल पर बच्ची को एमजीएम अस्पताल के चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया गया है. (नीचे भी पढ़े)

घटना के बाबत बताया जाता है कि अहले सुबह साढ़े पांच बजे जादूगोड़ा के धोबनी गांव में ग्रामप्रधान नसीब बेसरा के घर से 50 मीटर की दूरी पर गांव की युवती दुला हांसदा झाड़ू लगा रही थी. इसी क्रम में उसे एक बच्ची की रोने की आवाज सुनी. वह चौक गई. यह खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई. फिर क्या था बच्ची को देखने पूरे गांव के लोग उमड़ पड़े. (नीचे भी पढ़े)

घटना की सूचना पाकर जादूगोड़ा पुलिस, मुखिया अनीता मुर्मू, जिला परिषद हिरण्यमय दास, स्वास्थ्य सहिया लक्ष्मी सोरेन वार्ड मेंबर राहुल सोरेन,वीरेन बास्के,माधव सोरेन घटनास्थल पर पहुंचकर स्वास्थ्य की जांच कराने सदर अस्पताल ले गए, जहां से उसे एमजीएम रेफर कर दिया. बाद में जनप्रतिनिधियों के आग्रह में चाइल्ड हेल्पलाइन ने बच्ची को गोद ले लिया. (नीचे भी पढ़े)
डोमजूडी पंचायत मुखिया ने जिला प्रशासन से बरामद बच्ची को गांव के वार्ड मेंबर राहुल सोरेन की पत्नी माधो सोरेन को सौंपने की मांग की है. माधो सोरेन ने भी इस लावारिस बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है. उसका कहना है कि उसकी घर में बेटी नहीं है जिसकी वजह से वह लावारिस बच्ची को अपने यहां रखकर उसका भविष्य बनाना चाहती है.







