जमशेदपुर: इस बढ़ती पहल को और मजबूत बनाने के लिए बागुनहातु स्किल सेंटर में एक समर्पित उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है. यह केंद्र महिलाओं को उत्पादन, कौशल विकास, भंडारण प्रबंधन और नए उत्पादों के विकास में सहायता प्रदान करेगा. इससे न केवल उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें अपने सपनों और संभावनाओं को और आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा. कल सुबह जब मंदिरों की घंटियां फिर से बजेंगी और श्रद्धालु आस्था के साथ ताजे फूल चढ़ाएंगे, तब पूर्वी सिंहभूम में खुशबू, पिंकी और उनकी जैसी कई महिलाएं भी अपने दिन की शुरुआत करेंगी. (नीचे भी पढ़ें)
वे उन फूलों को एक नया जीवन देंगी, जिन्हें पूजा के बाद अक्सर बेकार समझकर अलग कर दिया जाता है. उनके हाथों से ये फूल केवल उत्पादों में नहीं बदलते, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और उम्मीद की प्रेरणादायक कहानियों में बदल जाते हैं. कई बार सबसे खूबसूरत बदलाव वहीं से शुरू होते हैं, जिन्हें दुनिया बेकार समझकर छोड़ देती है.







