चाकुलिया: जमशेदपुर के डिमना स्थित बाबा तिलका मांझी चौक से निकला गुरुजी रथ घाटशिला,धालभूमगढ़ होते हुए चाकुलिया पहुंचा. चाकुलिया के बिरसा चौक पर झामुमो नेता और कार्यकर्ताओं ने रथ का भव्य स्वागत किया. इसअवसर पर नेताओं ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और पैदल मुख्य मार्ग होते हुए टाउन हॉल पहुंचकर यात्रा की समाप्ति हुई. टाउन हॉल परिसर में जोहार यात्रा व श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए घाटशिला के विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने कहा की गुरूजी क्षेत्र में गुरू की तरह ही कार्य किया है. उन्होंने समय समय पर लोगों को मार्गदर्शन कर उनका हक और अधिकार दिलाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि गुरुजी भाषा, संस्कृति,जल,जंगल और जमीन पर अधिकार के लिए लंबे समय तक आंदोलन किया, जिसका परिणाम है की आज अलग राज्य मिला. (नीचे भी पढे)
उन्होंने कहा कि समाज के युवा को भाषा और हासा की रक्षा करना होगा. भाषा और संस्कृति ही हमारी पहचान है. गुरूजी के विचारों को साथ लेकर हम सभी झारखंड को विकास की ओर ले जाएंगे और राज्य को एक अलग पहचान दिलाने का काम करेंगे. मौके पर संबोधित करते हुए बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने कहा कि विगत वर्ष अगस्त माह में ही हम सभी ने गुरूजी और रामदास सोरेन जैसे दो दो अभिभावकों को खोया था जिसकी कमी खलती है. गुरुजी ने आंदोलन कर अलग राज्य लिया परंतु राज्य में सत्ता की बागडोर अधिकांश समय भाजपा के हाथों में बागडोर चली गई.राज्य की बागडोर जब हेमंत सोरेन के हाथों में आई तो उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर केन्द्र सरकार ने एक साजिश के तहत राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन को जेल भेजने का काम किया. हेमंत सोरेन ने जेल से ही मईंया सम्मान योजना लाने का काम किया और महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रूपए देकर सम्मान देने का काम किया है. महिलाओं के सम्मान का जन्मदाता हेमंत सोरेन है, उन्हें देखकर ही अन्य राज्यों में सत्ताधारी पार्टियां महिलाओं को अन्य नाम से योजना पारित कर लाभ देने का काम कर रही है. (नीचे भी पढे)

हेमंत सोरेन कोई काम शुरू करता है तो पुरा देश उसको अनुसरण करने का काम करती है.गुरूजी शिबु सोरेन के प्रथम पुण्य तिथि पुरे झारख़ड में और उनके गांव नेमरा में सरकारी स्तर पर मनाया जा रहा है जहां लोगों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया जा रहा है. गुरु जी छोटे गांव से गरीबों के आंदोलन और जल जंगल जमीन का आंदोलन शुरू किया था. गुरूजी के कार्यशैली से प्रभावित होकर लोग उनसे जुड़ते गए. जंगल से ही अलग झारखंड का आंदोलन शुरू किया और उनकी आंदोलन से ही 15 नवंबर 2000 को अलग झारखंड राज्य मिला. भाषा संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए आंदोलन किया जिससे आज राज्य में लोगों को उनका हक और अधिकार मिला है. गुरुजी के विरासत को हेमंत सोरेन ने सत्ता में आकर बढ़ाने का काम किया है. झामुमो माटी से जुड़ी पार्टी है और नेता भी आपके अपने है. पार्टी एक परिवार है और आप सभी परिवार के अंग है. (नीचे भी पढे)

उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता गुरुजी के विचारों को जन जन तक पहुंचाकर लोगों को जागरूक कर क्षेत्र में संगठन को और मजबूत बनाने का काम करें. अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन ने किया. मंच का संचालन सागेन पूर्ति ने की. मौके पर अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायत खान, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, मोहन कर्मकार, प्रमोद लाल, राजु गिरी, शेख बदरूद्दीन,महाबीर मुर्मू, हिरामुनी मुर्मू, सरोज महापात्र, जिला परिषद सदस्य धरित्री महतो, नपं अध्यक्ष सोमवारी सोरेन, घनश्याम महतो, प्रखंड प्रमुख धनंजय करूणामय, ललित मांडी, जितवाहन राउत, मुन्ना होता, विशु ओझा, मो गुलाब, गौतम दास, जगन्नाथ महतो, साहेबराम मांडी, कृति महतो, राजा बारिक समेत अन्य उपस्थित थे.







