जमशेदपुर : भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी पूर्वी सिंहभूम द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस का आयोजन 1 अक्टूबर को साकची रेड क्रॉस भवन में बृहद स्तर पर किया जायेगा. इस वर्ष के अभियान की विशेषता यह होगी कि 1 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह आयोजन केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित न रहकर वर्षव्यापी युवा रक्तदाता अभियान के रूप में संचालित किया जायेगा. इसके तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में 5 हजार से अधिक युवाओं को नये रक्तदाता के रूप में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. रेड क्रॉस सोसायटी पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने इस संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में नये युवाओं को रक्तदाता के रूप में जोड़ने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है. (नीचे भी पढ़ें)

एक जागरूक और संवेदनशील शहर के लिए यह आवश्यक है कि नियमित रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं के साथ-साथ लगातार नये युवा रक्तदाता भी इस मानवीय अभियान से जुड़ते रहें उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष लगभग 6 से 7 प्रतिशत नियमित रक्तदाता 65 वर्ष की आयु पूरी करने अथवा स्वास्थ्य एवं शारीरिक क्षमता के कारण रक्तदान करने की स्थिति में नहीं रह जाते हैं. ऐसे रक्तदाताओं की कमी की भरपाई नये युवा रक्तदाताओं को जोड़कर ही की जा सकती है. वर्तमान में रक्त की आवश्यकता को 100 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से पूरा करने के लक्ष्य के साथ-साथ इस प्राकृतिक कमी को भी पूरा करना आवश्यक है. श्री सिंह ने कहा कि यदि प्रत्येक वर्ष वर्तमान रक्तदाता संख्या के लगभग 10 से 12 प्रतिशत युवाओं को नये रक्तदाता के रूप में जोड़ा जाये, तो रक्तदान के क्षेत्र में निरंतरता बनी रहेगी और हमारा रक्तदाता परिवार भी सदैव युवा बना रहेगा. उन्होंने कहा कि इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी स्वयं रक्तदाता हैं. किसी युवा को पहली बार रक्तदान के लिए प्रेरित करने, उसकी झिझक दूर करने और उसे नियमित रक्तदाता बनाने में एक अनुभवी रक्तदाता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. विजय कुमार सिंह ने जिले के सभी नियमित रक्तदाताओं से आग्रह किया कि वे पूर्व की भांति इस वर्ष भी आगे बढ़कर कम से कम एक नये युवा रक्तदाता को प्रेरित कर रक्तदान अभियान से जोड़ने का प्रयास करें. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि प्रत्येक रक्तदाता यदि नये युवाओं को इस मानवतावादी अभियान से जोड़ने की जिम्मेदारी निभाये, तो आने वाले समय में रक्त की आवश्यकता की पूर्ति के साथ-साथ एक मजबूत, युवा और स्वैच्छिक रक्तदाता समाज का निर्माण किया जा सकता है. ‘रक्तदान केवल जीवन बचाने का कार्य नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी को मानवता की सेवा से जोड़ने का माध्यम भी है. आइये, इस वर्ष एक नया रक्तदाता जोड़ें और रक्तदान अभियान को हमेशा युवा बनाये रखें.’






