जमशेदपुर : बिरसानगर थाना क्षेत्र में विशाल सांडिल की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मामले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, मजदूरी के पैसों के विवाद को लेकर विशाल की हत्या की गई थी. हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को स्वर्णरेखा नदी में फेंक दिया गया था. मामले में एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है. घटना को लेकर 30 सितंबर 2026 को गीता नामता, पति स्व विशाल सांडिल, निवासी जोन नंबर-2, बिरसानगर के लिखित आवेदन पर बिरसानगर थाना में मामला दर्ज किया गया था. मामले में चरण हांसदा, कार्तिक नामता और लुलू नामता के खिलाफ विशाल की हत्या कर शव स्वर्णरेखा नदी में फेंकने का आरोप लगाया गया था. (नीचे भी पढ़ें)
मामले के उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर डीएसपी सिटी संजीव कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित अनुसंधान करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त कार्तिक नामता और अप्राथमिकी अभियुक्त रवि कुंटिया को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. (नीचे भी पढ़ें)
मजदूरी के पैसे को लेकर हुआ था विवाद
जांच में सामने आया कि विशाल सांडिल, कार्तिक नामता और रवि कुंटिया चरण हांसदा के लिए मजदूरी करते थे. आरोप है कि चरण हांसदा कई बार मजदूरी के बदले पैसे देने के बजाय उन्हें मुर्गा और शराब उपलब्ध कराता था. इसी बात को लेकर मजदूरी के हिसाब को लेकर 25 सितंबर को चरण हांसदा और विशाल सांडिल में मारपीट हुई थी. पुलिस के अनुसार, इसके बाद 27 सितंबर की शाम विशाल को शराब पिलाने के बहाने चरण हांसदा, रवि कुंटिया और कार्तिक नामता स्वर्णरेखा नदी स्थित पानी टंकी के पास ले गए. वहां मौका देखकर चाकू से हमला कर विशाल की हत्या कर दी. इसके बाद शव को छिपाने के लिए स्वर्णरेखा नदी में फेंक दिया गया. पुलिस अब मामले में नामजद आरोपी चरण हांसदा और अन्य की भूमिका की भी जांच कर रही है.




