जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एशियन गेम्स में देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय खिलाड़ियों के साथ संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्होंने तिरंगे का मान बढ़ाया है और देशवासियों को गर्व का अवसर दिया है. उन्होंने इस सफलता को खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ, परिवारों और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक उपलब्धि बताया. प्रधानमंत्री ने तीरंदाजी में भारत के पांच स्वर्ण पदकों की विशेष सराहना की. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने महिला खिलाड़ियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के कुल 85 पदकों में 11 स्वर्ण सहित 38 पदक महिला खिलाड़ियों ने जीते हैं और यह उपलब्धि सशक्त होते नए भारत को दर्शाती है. श्री मोदी ने खिलाड़ियों से अपने गांवों और शहरों के विद्यालयों तथा उन खेल मैदानों में जाने का आह्वान भी किया, जहां से उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की थी. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है. इस अवसर पर अर्जुन मुंडा ने कहा कि जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया. (नीचे भी पढ़ें)

यह सफलता भारतीय खिलाड़ियों की अथक मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है. भारतीय तीरंदाजों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री मुंडा ने कहा कि पाँच स्वर्ण सहित कुल नौ पदक जीतकर तीरंदाजों ने देश को गौरवान्वित किया है. उनकी एकाग्रता, सटीक निशाने और दबाव के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन ने इस सफलता को विशेष बनाया है. यह उपलब्धि देश के युवा तीरंदाजों के लिए प्रेरणास्रोत है. श्री मुंडा ने प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलती है. उन्होंने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ एवं संबंधित खेल संघों को हार्दिक बधाई दी तथा आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं.








