जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र के इकरा कॉलोनी में मकान खाली कराने को लेकर बिल्डर और लैंडलॉर्ड के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. शनिवार सुबह करीब 25 लोगों के एक समूह के बिल्डर जावेद के घर पहुंचने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. घटना में जावेद के सिर में चोट आई है. उन्होंने घर में मौजूद महिलाओं के साथ भी मारपीट किए जाने और हथियारों का इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाया है. (नीचे भी पढ़ें)
जावेद का कहना है कि शनिवार सुबह अचानक करीब 25 लोग उनके घर पहुंचे. इनमें शामिल एक व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को जमशेदपुर का नया एसडीएम बताया और मकान पर अपना दावा करते हुए घर खाली करने को कहा. जावेद ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई. इस दौरान घर की महिलाओं को भी निशाना बनाए जाने का आरोप है. घटना के बाद जावेद ने एक विडियो भी सामने लाया है. वीडियो में एक व्यक्ति कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ दिखाई दे रहा है. जावेद का आरोप है कि इसी व्यक्ति ने खुद को एसडीएम बताकर मकान खाली कराने का दबाव बनाया था. विडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
हालांकि, मानगो थाना प्रभारी के अनुसार शुरुआती जांच में मामला बिल्डर और लैंडलॉर्ड के बीच का विवाद प्रतीत हो रहा है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लैंडलॉर्ड ने पहले एक बिल्डर से निर्माण कार्य कराया था. निर्धारित समय पूरा होने के बाद दूसरे बिल्डर को काम सौंप दिया गया. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की जानकारी सामने आई है. थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति बीएसएनएल का एसडीओ है और उसके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी भी बीएसएनएल के ही बताए गए हैं. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बीएसएनएल के एसडीओ वहां किस उद्देश्य से पहुंचे थे और मकान खाली कराने के विवाद में उनकी क्या भूमिका थी.












