
दुमका एटीम ग्राउंड के सामने स्थित एक गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों रुपया का सामान जल कर राख हो गया. गोदाम में प्रिंटिंग प्रेस, कुकिंग गैस कार्यालय के कागजात के साथ भारी मात्रा में मोबिल भी रख हुआ था. लाखों की हुई छति. व्यवसायी सिंघानिया ब्रदर्स की गोदाम बताई जा रही है।बड़ी मसक्कत के बाद अग्निशामक दल ने कर्मी द्वारा आग को किया नियंत्रित किया. रिहायसी इलाके गोदाम में आग का बबंडर देख लोग काफी भयभीत हो गए थे.
दमकल की चार गाड़ियों के अलावा स्थानीय लोगों की मदद से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. हालाँकि तबतक आग से लाखों का नुकसान हो चुका था. इस आग बुझाने के प्रयास में संजीव सिंघानिया का चेहरा झुलस गया. गोदाम मालिक आग से इतने हताश थे कि कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे. आग लगने का कारण अभी तक शार्ट सर्किट बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक विनोद सिंघानिया मोबिल के थोक विक्रेता है. उनका मोबिल प्रमंडल के कई जिलों में जाता है. गोदाम में भारी मात्रा में मोबिल भरा हुआ था. साथ ही गोदाम के बगल वाले कमरे में प्रिंटिंग प्रेस ओर सामने भारत गैस एजेंसी का कार्यालय भी है. अचानक दोपहर को उनके गोदाम में अाग लग गई. सूचना मिलते ही करीब दस मिनट के अंदर दमकल के दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई. मोबिल की वजह से आग की लपटें तीन मंजिल घर तक पहुंच गई. आग से करीब एक सौ अधिक मोबिल के जार जलकर राख हो गए. स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह से आग पर काबू पाया गया. इस बीच पानी समाप्त हो जाने के कारण दमकल की दो गाड़ियों पानी लेने के लिए निकल गई. इस बीच गोदाम के समीप बने कागज के दूसरे गोदाम से भी धुआं निकलने लगा. लोगों ने सामान बचाने के लिए जैसे की दीवार तोड़ी, अचानक तेजी से निकली आग ने कागज को चपेट में लिया. दमकल की गाड़ियां न होने की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया. देखते ही देखते पूरा गोदाम जलने लगा. करीब आधा घंटा पानी लेकर आयी दमकल की दोनो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया.






