
घाटिशला : दिशोम जाहेड गाढ़ सुरदा रेलवे क्रॉसिंग घाटशिला में माझी पारगाना माहाल व धाड़ दिशोम की आपातकालीन बैठक बुधवार को देश पारगाना बाबा बैजू मुर्मू की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सरकार के दिशानुसार समाजिक दूरी का पालन किया गया. बैठक में बैजू मुर्मू ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि आदिवासी प्राकृतिक के पूजक हैं और अपने देवी-देवताओं को पशु बलि देते हैं. कहा कि जाहेर गाढ़, सारना स्थल आदि पर विभिन्न अवसरों पर हमलोग पशु बलि देते हैं और प्रसाद के रूप में हम उसे ग्रहण करते है. इसिलिए हमलोग ना ही हिन्दू हैं, ना मुस्लिम और ना ही सिख ईसाई. आदिवासियों की पूजा पद्यति, रीति-रिवाज, परंपरा संस्कृति सभी धर्मों से अलग है. उन्होंने कहा कि कुद दिन पहले विहिप व बजरंग दल के लोगों ने आदिवासियों को प्रतिबंधित मांस बेचने व खाने के आरोप में जेल भेजवाया था तो आज कैसे हमें सनातन बता रहे हैं. कहा कि अगर आदिवसी जब पशु बलि देते हैं और अगर यह गलत है तो फिर कैसे भगवान श्रीराम के मंदिर में यहां की मिट्टी शामिल करना उचित है. बैजू मुर्मू ने विहिप पर कई आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए मिट्टी देना तो दूर की बात अगर कोई पवित्र स्थल सरना देशाउली या जाहेड गाढ़ से मिट्टी की चोरी करते पकड़ा जाता है तो उसका सेंद्रा किया जाएगा. बैठक में डॉ राजकिशोर हांसदा, गायत्री कुजूर, राम कुमार पहान आदि ने विरोध जताया. सभी ने एक साथ कहा कि आदिवासी अपने अस्तित्व के बचाने के लिए कई दशकों से सरना धर्म कोड की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है. बैठक में माझी युवरराज टुडू, रामराय हांसदा, सुफल मुर्मू को सर्वसम्मति से माझी पारगाना माहाल का धाड़ दिशोम प्रवक्ता नियुक्त किया गया. बैठक में जुगसलाई तोरोप, अष्टकुष्ज्ञी तोरोप, आसनबनी तोरोप, पारगाना सहित कई सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे.








