अभय तिवारी / गढ़वा : गढ़वा जिला में इन दिनों तेंदुआ और हाथियों का आतंक जारी है. इस क्रम में तेंदुए ने अब तक दो बच्चियों की जान ले ली है. रंका के सेवाडीह में तेंदुआ एक बच्ची को खा गया. तेन्दुआ से अब रंका प्रखंड के लोग भी भयाक्रांत हैं. वहीं दूसरी ओर हाथियों ने तो कई लोगो का घर उजाड़ दिया है, जो अभी तक भरपाई हो नहीं पायी है. अब हाथी और तेंदुआ दोनों से लोगों का जीना हराम कर रखा है. वहीं वन विभाग की सुस्ती ने लोगों को डर के साये में जीने को विवश कर दिया है. आखिर अब क्या होगा, गढ़वा के लोगो का. यह बड़ा सवाल है. आखिर मे थक-हार कर इस बात को लोकसभा में यहा के सांसद को उठाना पड़ा. लेकिन इतनी बड़ी गलती और चूक का जिम्मेदार कौन है. यह एक बड़ा सवाल है. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
गढ़वा जिला के रंका अनुमंडल क्षेत्र के रंका वन क्षेत्र के सिरोई पंचायत अंतर्गत सेवाडीह गांव के खरवार टोला निवासी जगदेव सिंह की पुत्री सीता कुमारी को तेन्दुए ने अपना शिकार बनाते हुए मार डाला. इससे ग्रामीण घर में दुबक गये हैं. वही घटना के संबंध में जानकारी देते हुए परिवार के लोग बताते हैं कि जगदेव सिंह की 7 वर्षीय द्वितीय पुत्री सीता कुमारी का तेन्दुआ ने गला फाड़ दिया. गांव वालों के शोर-गुल के बाद तेंदुआ बच्ची को लेकर जंगल की ओर भागने लगा. इस पर जैसे ही घर के लोग लाठी, डंडा, पटकन लेकर निकले और तेंदुआ के पीछे भागे, तो तेंदुआ बच्ची को छोड़कर तो भाग गया. लेकिन बच्ची की जान नहीं बच पायी. इससे ग्रामीणों मे काफी आक्रोश है. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
गांव वाले पूरी भीड़ के साथ उस बच्चे के आसपास में जमे हुए हैं. बताया जाता है कि बच्ची घर के सामने ही शौच करने गयी थी. इसी बीच तेंदुआ बच्ची को पकड़ कर ले जाने लगा. बच्ची को तेंदुए के द्वारा पकड़ कर ले जाते देख उसकी मां ने बगल के घर के लोगों को बुलाया और जोर-जोर से रोने लगी. पूछे जाने पर पता चला कि उनकी बच्चे को लेकर तेंदुआ जंगल के ओर भाग रहा है. गांव के लोगों के पीछे भागे और किसी तरह से तेंदुआ बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इस घटना से आसपास के लोगों में भय का माहौल है और लोग घर का दरवाजा बंद करके अपने घरों में दुबक गए हैं. लोग और अपनी जान का गुहार भी लगा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
इधर यह घटना कोई पहली घटना नहीं है. भंडरिया प्रखंड मे भी इस तरह की घटना हुई, जिसमें एक बच्चे की जान चली गयी. उसके बाद भी वन विभाग की सुस्ती कई सवालों को जन्म देती है. स्थानीय लोगों का मानें, तो आखिर वन विभाग की पूरी टीम कहां और क्या कर रही है. आखिर इन सबकी सुरक्षा के लिए वन विभाग को सरकार लाखों रुपये आवंटित कर सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्र के दौरा के लिए अलग से फंड मुहैया कराती है. बावजूद क्षेत्र में तेंदुआ हो या कोई भी जंगली जानवर, अगर ग्रामीण क्षेत्र या शहर के नजदीक आते हैं, तो उन्हे तुरंत हटा कर वहां की व्यवस्था को अपनी निगरानी मे वन विभाग को लेना रहता है. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
ऐसे में इस तरह की घटना से ग्रामीणों में आक्रोश के साथ गुस्सा होना भी लाजमी है. लेकिन वन विभाग की सुस्ती और जवाबदेही पर तो सवाल उठता ही है. बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का भी जीना मुहाल हो गया है. आखिर अब ग्रामीण करें तो क्या करें. अब वन विभाग और जिला प्रशासन ही बेहतर बता पायेंगे. इसके पूर्व भी गढ़वा जिला के भंडरिया थाना अंतर्गत रोदो गांव में तेंदुआ ने बच्ची को मारा था. (नीचे भी वीडियो देखें)











