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गुरूवार, जून 17, 2021
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आरूष मेटल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ अब आर – पार की लडाई :- शैलेश पांडेय

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जमशेदपुर : आरूष मेटल के कर्मचारी प्रबंधन की मनमानी एवं व्यवहार से तंग आकर आज यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एवं यूनियन महासचिव शैलेश पांडेय से उनके आदित्यपुर कार्यालय में मिले और प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की। शैलेश पांडेय ने बताया कि पिछले 6 महीने से यूनियन, प्रबंधन से सामंजस्य स्थापित कर कर्मचारियों के द्वारा उठाए गए मुद्दों का निष्पादन हेतु सकारात्मक पहल कर रही है, परंतु प्रबंधन यूनियन को खेलाने का प्रयास कर रही है, जिसे अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शैलेश पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब पानी सर से ऊपर हो गया है, अगर प्रबंधन उचित साकारात्मक पहल करते हुए मामले का निष्पादन 5 अगस्त यानी 10 दिनों के अंदर नहीं करती तो वे हड़ताल एवं चक्का जाम सहित मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता एवं श्रमायुक्त से मुलाकात कर कर्मचारियों के मांगों एवं प्रबंध के मनमानी एवं मजदूरों के प्रति अपनाये जा रहे अमानवीय व्यवहार के खिलाफ प्रबंधन पर सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करवाने का काम करेंगे। शैलेश पांडेय ने बताया कि प्रबंधन ने जिन भी कर्मचारियों को निकाला है , उन्हें वापस लें। प्रबंधन ब्लौक क्लोजर के नाम पर 4-5 मजदूरों को टारगेट कर काम पर नहीं बुलाती वहीं अन्य कर्मचारियों यहां तक कि ठेका श्रमिकों को भी ब्लॉक क्लोजर होने के बावजूद काम पर बुलाया जाता है। प्लांट के विभिन्न विभागों के एचओडी कर्मचारियों का विभाग परिवर्तन कर रहे, साथ ही धमकी दी जाती है कि अगर कोई दुर्घटना हुई तो कम्पनी जिम्मेदार नहीं हैं एवं यूनियन छोड़ने की बात कही जाती है, कहा जाता है जो यूनियन छोड़ेगा उसे वापस उसके मशीन पर पदस्थापित कर दिया जाएगा अन्यथा इस विभाग से उस विभाग भेजा जाएगा। प्रबंधन के लोग लगातार कर्मचारियों को कम्पनी से निकालने की धमकी देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने जो अगले वर्ष के ब्लॉक क्लोजर के लिए कर्मचारियों का 18 दिनों का ईएल काटा है, उसे वापस दिया जाए। फर्नेस आपरेटर जो ठेका श्रमिकों को विशेष दर्जा प्रबंधन द्वारा दिया जा रहा है वहां स्थायी कर्मचारियों को तरजीह दी जाए। कम्पनी प्रबंधन के मजदूरों के प्रति संवेदनहीनता एवं अमानवीय व्यवहार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विगत 14 जुलाई को कम्पनी परिसर में एक प्रबंधन के वरिय अधिकारी के लापरवाही के कारण एक दुर्घटना घटी जिसमें दीवार गिरने से दो कामगार उसके चपेट में आ गए, एक का पैर टूटा और दूसरे को गम्भीर चोट आई लेकिन घटना के 45 मिनट तक प्रबंधन टस से मस न हुआ, जब कर्मचारियों का गुस्सा फूटा तब जाकर प्रबंधन ने अस्पताल जाने के लिए गाड़ी उपलब्ध कराया।

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