
रांची / जमशेदपुर : मूल रूप से रांची निवासी कुमार उत्कर्ष ने अपने दोस्तों विभूतेश कुमार सिंह, हिमांशु चंदना, आशीष कुमार, सुजीत कुमार और निधि उपाध्याय के साथ मिलकर एक डिवाइस बनायी है जिससे कोरोना के क्वॉरंटीनेड लोंगो पर नजर रखी जा सकेगी. यह डिवाइस कोरोना रिस्ट बैंड के नाम से जाना जायगा. इनके कार्य को यूरोप की डिजिटल लाइब्रेरी की यूरोपियन अलायन्स फॉर इनोवेशन (एआई) एंडोरसेड ट्रांसक्शन्स ऑन इंटरनेट ऑफ थिंग्स नामक जर्नल में पब्लिश भी किया गया है. उत्कर्ष फिलहाल यूके में कार्यरत हैं. हालांकि उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर विद्या मंदिर श्यामली से प्राप्त की हैं. उसके पश्चात उन्होंने वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग और चेन्नई स्थित ग्रेट लेकस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की उपाधि हासिल की है. उत्कर्ष और उनके दोस्तों ने सोशल मीडिया के जरिये अपने कार्य को पब्लिक में निशुल्कः जारी किया है. वे चाहते हैं कि यह सही लोगों तक पहुंच सके, ताकि इंसानियत के काम आये. उत्कर्ष रांची के पुंदाग स्थित आईएसएम के निदेशक डॉ गंगा प्रसाद सिंह और रॉची महिला कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ गीता सिंह के पुत्र हैं. डॉ गंगा प्रसाद सिंह पूर्व में कोल्हान विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक भी रह चुके हैं. डॉ सिंह ने अपने पुत्र की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे मानवता के लिए हितकर बताया है.















