जमशेदपुर : वृक्षों की जड़ों को कंक्रीट और टाइलिंग से ढककर उन्हें नुकसान पहुंचाने सम्बन्धी एक बहुचर्चित मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाते हुए जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी, टाटा मोटर्स तथा टाटा स्टील को तत्काल पेंड़ो की जड़ो के आसपास टाइलिंग और कंक्रीट सम्बन्धी कार्यो को तत्काल रोकने का आदेश दिया है. साथ ही 11 सितंबर तक सभी वृक्षों की जड़ो को कंक्रीट अथवा टाइलिंग से मुक्त कर शपथ पत्र दायर करने का भी निर्देश दिया है. ट्रिब्यूनल ने इस पूरे मामले की जांच के लिए जमशेदपुर उपायुक्त के नेतृत्व में एक कमिटी का भी गठन किया है जिसमे उपायुक्त जमशेदपुर के अलावा विशेष पदाधिकारी जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी, डिविसिनल फारेस्ट ऑफिसर जमशेदपुर तथा सीनियर साइंटिस्ट झारखण्ड स्टेट पोल्लयूशन कण्ट्रोल बोर्ड शामिल होंगे. (नीचे भी पढ़े)
मॉर्निंग वाकर्स ग्रुप के सदस्य 75 वर्षीय पर्यावरण प्रेमी अवधेशपाण्डेय काफी समय से वृक्षों की जड़ों को कंक्रीट और टाइलिंग से ढककर उन्हें नुक्सान पहुंचाने सम्बन्धी शिकायत जिला प्रशासन एवं सरकार से कर रहे थे परन्तु कोई कारवाई ना होने के बाद उन्होंने पर्यावरण मामलो के अधिवक्ता रविशंकर पाण्डेय के माध्यम से इस याचिका को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष दायर किया जहां ट्रिब्यूनल ने उनके तर्कों को मानते हुए फैसला सुनाया है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की कोलकाता बेंच ने जमशेदपुर के पर्यावरण प्रेमियों की याचिका पर मुहर लगाते हुए एक कमिटी का गठन किया है. साथ ही 11 सितंबर तक आदेश में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शपथ पत्र दायर करने का भी निर्देश दिया है. (नीचे भी पढ़े)
अधिवक्ता रविशंकर पांडेय ने कहा कि यह हम सभी जमशेदपुर वासियों के लिए हर्ष का विषय है. वहीं, याचिकाकर्ता अवधेश कुमार पांडेय ने कहा है कि जिन वृक्षों की छाया में हम नित्य व्यायाम एवं एनी गतिविधियाँ करते थे उन्हें गिरता और मरता देखना वास्तव में बड़ा असहज सा प्रतीत होता था. यही कारण है कि हमने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया. ख़ुशी है की ट्रिब्यूनल ने हमारी सलाह और तर्कों को माना.



