
जमशेदपुर : कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ने प्रसार के बाद देश के कई राज्यों में सख़्त लॉकडाउन प्रभावी है. ऐसे में वहां के प्रवासी मज़दूर भी अपने-अपने गृह राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं. कई राज्यों में लॉकडाउन इतनी कठोर है कि बाहरी लोगों और गाड़ियों तक के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. शुक्रवार को ऐसी ही परेशानियों का सामना किया जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका घाटशिला के रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने. लगभग 15 की संख्या में प्रवासी मज़दूर आंध्रप्रदेश से घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम, झारखंड) के लिए रवाना हुए थे. शुक्रवार सुबह इन्हें ओड़िशा के मलकानगिरी जिले में स्थित मोतू-ब्रिज चेकपोस्ट पर पुलिस ने रोक दिया था. ओड़िशा में लागू पूर्ण लॉकडाउन की वजह से इन्हें वापस लौटाया जा रहा था. प्रवासी मजदूरों में से बांकी नामक एक युवक ने इसकी सूचना घाटशिला क्षेत्र की जिला पार्षद दिव्यानी मुर्मू को दिया. जिला पार्षद ने इस मामले में पूर्व विधायक सह झारखंड प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी से हस्तक्षेप का आग्रह किया. कुणाल षाड़ंगी ने सुबह लगभग साढ़े दस बजे सम्बंधित मामले को अपनी ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए ओड़िशा पुलिस, झारखंड पुलिस सहित मलकानगिरी एवं जमशेदपुर के उपायुक्तों को सूचनार्थ टैग करते हुए मदद सुनिश्चित करने का अनुरोध किया. कुणाल षाड़ंगी की ट्वीट पर झारखंड सरकार के निवर्तमान डीजीपी रहें एमवी राव ने भी स्वतः संज्ञान लेकर जरूरी मदद पहुंचाने हेतु इच्छा जताई. उन्होंने ओड़िशा के मलकानगिरी में रोके गये प्रवासी मजदूरों में से किसी एक का फ़ोन नंबर उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि उन तक मदद सुनिश्चित कराई जा सके. पूर्व डीजीपी एमवी राव संग समन्वय बनाते हुए कुणाल षाड़ंगी ने उन्हें फ़ौरन फोन नंबर और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराया. इसके लगभग एक घन्टें के अंदर ही मलकानगिरी एसपी के ट्वीटर हैंडल द्वारा कुणाल षाड़ंगी को सूचित किया गया कि कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के निमित्त राज्य में लागू कठोर लॉकडाउन की वजह से यह समस्या उतपन्न हुई. प्रवासी मजदूरों को आवश्यक पूछताछ एवं चिकित्सकीय परीक्षण के लिए रोका गया था. मलकानगिरी एसपी ने सूचित किया कि कुछ समय पूर्व ही प्रवासी मजदूरों को अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है. उन्होनें मौजूदा परिस्थिति के कारण उतपन्न असुविधा के लिए भी खेद प्रकट किया. मदद पहुंचतें ही प्रवासी मजदूरों ने भी जिला पार्षद दिव्यानी मुर्मू के मार्फ़त कुणाल षाड़ंगी के प्रति आभार जताया. वहीं इस मामले में त्वरित सहयोग करने के लिए पूर्व डीजीपी एमवी राव, मलकानगिरी एवं जमशेदपुर पुलिस एवं उपायुक्त के प्रति पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कृतज्ञता व्यक्त किया है.












