जमशेदपुर : जमशेदपुर के हुरलुंग पंचायत अंतर्गत मनपीटा गांव में प्रस्तावित हेवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को लेकर ग्रामीणों और पारंपरिक ग्रामसभा ने कड़ा विरोध जताया है. ग्रामसभा का आरोप है कि ग्रामसभा की अनुमति और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना परियोजना के लिए चिन्हित भूमि पर समतलीकरण का कार्य कराया जा रहा है. इसी मामले को लेकर सोमवार को मनपीटा ग्रामसभा के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और भूमि समतलीकरण समेत परियोजना से संबंधित कार्यों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. ग्रामसभा के प्रतिनिधियों के अनुसार, उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि मामले में कानून के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. ग्रामसभा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि पूर्वी सिंहभूम जिला पांचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्र में आता है इसलिए अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन किए बिना किसी विकास परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं है. ग्रामसभा ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 यानी पेसा की धारा 4 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले ग्रामसभा/उपयुक्त पंचायत की भूमिका सुनिश्चित करना आवश्यक है. (नीचे भी पढ़े)

ग्रामसभा ने यह भी कहा कि झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना तथा पंचायती उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2026 के नियम 28 में भी ग्रामसभा की भूमिका और भूमि अधिग्रहण से पहले उसकी अनुमति/प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान किए गए हैं. इसके अलावा ग्रामसभा ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 41 का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन के मामलों में विशेष सुरक्षा प्रावधान लागू होते हैं तथा संबंधित ग्रामसभा की पूर्व सहमति का प्रावधान है. ग्रामसभा के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2023 में भी मनपीटा में प्रस्तावित परियोजना एवं भूमि से संबंधित विषय को लेकर अंचल अधिकारी और उपायुक्त के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया था. इसके बावजूद अब परियोजना के लिए चिन्हित स्थल पर भूमि समतलीकरण का कार्य किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामसभा के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के लिए चिन्हित स्थल पर बिना ग्रामसभा की अनुमति के भूमि समतलीकरण का कार्य किया जा रहा था. ग्रामसभा ने इसे कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताते हुए कार्य तत्काल रोकने की मांग की है. ग्रामसभा ने बताया कि 30 अगस्त को मनपीटा में आयोजित ग्रामसभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया. प्रस्ताव में कहा गया कि यदि ग्रामसभा की अनुमति और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना परियोजना का कार्य जारी रखा जाता है और इसके कारण कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी. (नीचे भी पढ़े)
ग्रामसभा ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण या भूमि संबंधी कार्य को ग्रामसभा के अधिकारों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही आगे बढ़ाया जाए. मामले को लेकर ग्रामसभा की ओर से पूर्वी सिंहभूम के सांसद विद्युत वरण महतो तथा जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी को भी ज्ञापन सौंपा गया है. ग्रामसभा ने दोनों जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप करते हुए ग्रामीणों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है. ग्रामसभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अनुसूचित क्षेत्र में किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानूनों में ग्रामसभा को दिए गए अधिकारों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए. ग्रामसभा ने स्पष्ट किया कि जब तक परियोजना से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं और ग्रामसभा की वैधानिक भूमिका सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक मनपीटा में हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर के लिए भूमि समतलीकरण एवं अन्य निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाए जाएं.








