जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई नया बाजार में मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने गुरुवार सुबह होलिका पूजन किया. इसमें नई दुल्हनों एवं समाज की महिलाओं ने विधि-विधान के साथ होलिका पूजन किया. मारवाड़ी समाज की परंपरा के अनुसार सभी महिलाएं गोबर के बड़कुल्ले बनाकर होलिका पूजन करती हैं. (नीचे भी पढ़ें)

भजन गायिका सुनीता भारद्वाज ने बताया कि मारवाड़ी समाज की लड़कियों के लिए शादी के बाद की पहली होली बहुत खास होती है. पहली होली लड़कियां अपने मायके में मनाती हैं और गणगौर की पूजा करने के बाद ससुराल वापस जाती हैं. इस अवसर पर बनने वाले पकवानों में मूंग दाल का हलवा खास होता है. साथ ही, काठी दाल और चावल बनता है. नवविवाहिताएं ठंडी अग्नि की पूजा करती हैं. चार फेरे लेती हैं और अपने और परिवार के सुखमय जीवन की कामना भी करती हैं. (नीचे भी पढ़ें)

आज होलिका दहन के दिन सूबह होलिका पूजन में मारवाड़ी समाज की नवविवाहिता लड़कियों एवं महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ होलिका पूजन किया. महिलाएं हाथ में पूजा की थाल, बड़कुला की माला, गोबर का बना ढाल, डंडा में बंधा होड़ा गेहूं की बाली लेकर नया बाजार पहुचीं एवं पूजा संपन्न की. इसके पश्चात् होलिका दहन के समय पुरोहित मंत्रोच्चार के साथ होलिका में की जाती है और मौजूद श्रद्धालु भक्त प्रह्लाद की जय, बुराई पर अच्छाई की जय आदि जयकारे लगाते हैं. इसके बाद दंपति होलिका को गोबर के बनी बड़कुले की माला सौंपते हैं. मान्यता है कि महिलाएं पूजा कर अपने पति की लम्बी आयु और अपने पुत्र के लिए भी पूजा करती हैं और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए इस दिन व्रत रखती हैं.



