जमशेदपुर : सुप्रीम कोर्ट ने जमशेदपुर को औद्योगिक शहर घोषित करने के मामले में राज्य सरकार, टाटा स्टील और अन्य को नोटिस जारी किया है. न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश एन कोटेश्वर सिंह की अदालत ने जमशेदपुर को औद्योगिक शहर घोषित करने के नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और टाटा स्टील समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया. झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जवाहरलाल शर्मा बनाम राज्य सरकार के मामले की सुनवाई टालने के बाद इस मामले में अधिवक्ता प्रशांत भूषण के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी. (नीचे भी पढ़े)
इसमें झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट 2011 की धारा 481 को असंवैधानिक बताते हुए उसे रद्द करने का अनुरोध किया गया है. साथ ही 18 दिसंबर 2023 को राज्य सरकार द्वारा जमशेदपुर को औद्योगिक शहर घोषित करने से संबंधित जारी किये गये नोटिफिकेशन को रद्द करने का अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि म्यूनिसिपल एक्ट 2011 की धारा 481 राज्य सरकार को यह अधिकार देता है कि वह औद्योगिक शहर को नगर पालिका के क्षेत्र से बाहर रखे. याचिका में न्यायालय से यह अनुरोध किया है कि वह जमशेदपुर औद्योगिक शहर को संवैधानिक प्रावधानों के तहत नगर निगम बनाने का निर्देश दे. इस मामले में टाटा स्टील की ओर से मौजूद वकील ने तर्क दिया जिस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि पहले के सुनवाई का ही यह एक हिस्सा है. 2023 की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) को चुनौती दी गयी है. अगर नोटिफिकेशन को चैलेंज नहीं भी किया गया तो परेशानी बरकरार रहेगी. अगर परेशानी और समस्या का हल नहीं होता है तो फिर कैसे नोटिफिकेशन रह सकता है.











