जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (डीसी) कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिले के कारा परिसरों की समग्र सुरक्षा व्यवस्था एवं व्यवस्थागत आवश्यकताओं की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भगीरथ प्रसाद, एसडीएम घाटशिला सुनील चंद्र, एसडीएम धालभूम गौतम कुमार, एसडीपीओ घाटशिला अजीत कुजूर, डीएसपी मुख्यालय भोला प्रसाद, जेल उपाधीक्षक समेत अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में घाघीडीह केंद्रीय कारा, साकची कारा और घाटशिला उपकारा में वर्तमान सुरक्षा स्थिति, बुनियादी सुविधाएं, संसाधनों की उपलब्धता एवं संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई. जेल परिसरों के भीतर मौजूद कैदियों के सेल, अस्पताल, वॉच टावर, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था आदि की स्थिति का जायजा लेते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.(नीचे भी पढ़े)

उपायुक्त ने कहा कि जेलों की सुरक्षा संवेदनशील विषय है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो. सुरक्षा ऑडिट के तहत उन्होंने कारा, उपकारा, बाल सुधार गृह, अस्पतालों के कैदी वार्ड और कोर्ट हाजत जैसे सभी संबंधित स्थलों का औचक निरीक्षण एवं नियमित रेड करने को कहा. साथ ही उन्होंने कहा कि इन सभी स्थलों पर सुरक्षा मानकों की समय-समय पर जांच जरूरी है. बैठक में एमजीएम अस्पताल में एक समर्पित कैदी वार्ड बनाने का निर्देश दिया गया. घाघीडीह कारा में पेयजल समस्या पर तात्कालिक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई. इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा जेल प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता बताई गई. सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में वॉकी-टॉकी की उपलब्धता, वॉच टावरों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, पुलिस पेट्रोलिंग में वृद्धि, और जेल परिसर में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझते हुए समन्वय के साथ कार्य करना होगा, जिससे कारा प्रबंधन अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और अनुशासित बन सके.



