जमशेदपुर : गीता के 700 श्लोकों का हिंदी चौपाई में अनुवाद करने के लिए छोटा गोविंदपुर स्थित दयाल सिटी निवासी रोशन झा को परिवर्तन योगेश नामक दिल्ली की संस्था ने राष्ट्र गौरव श्री सम्मान से सम्मानित किया है. नीति आयोग से मान्यता प्राप्त परिवर्तन योगेश ने विगत 27 जुलाई को उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. रोशन झा ने 27 वर्षों अथक प्रयास से गीता के 700 श्लोकों को हिंदी चौपाइयों में रूपांतरित कर सहज गीतामृत नामक पुस्तक तैयार की है. राष्ट्र गौरव श्री सम्मान मिलने पर खुशी जताते हुए रोशन ने कहा कि उनके जीवन का एक ही लक्ष्य है, श्रीमद्भगवद्गीता चौपाई को जन-जन तक पहुंचाना. मालूम हो कि महाकवि तुलसीदास से प्रेरित होकर रोशन झा ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों को चौपाई के रूप में लिखा है. ये चौपाइयां अवधी में न होकर हिंदी में हैं.

रोशन को चौपाई के रूप में श्रीमद्भगवद्गीता का रूपांतरण करने में 27 साल लगे. मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिला के राजग्राम के निवासी रोशन झा ने 22 अक्टूबर 1995 से श्रीमद्भगवद्गीता को चौपाई में रूपांतरित करने का काम शुरू किया. यह श्रीमद्भगवद्गीता का प्रभाव ही है कि 27 साल की अनवरत तपस्या में एक भी ऐसा पल नहीं आया, जब वह हतोत्साहित हुए हों. हरेक श्लोक के भाव के साथ कोई अन्याय नहीं हो, इसके लिए उन्होंने मूल श्रीमद्भगवद्गीता के अलावा इस्कॉन, स्वामी दयानंद सहित अन्य लोगों की दर्जनों पुस्तकों का सहयोग लिया.



