
जमशेदपुर : जमशेदपुर के खासमहल स्थित सदर अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के आवासीय स्थल के पार्किंग में आरटीपीसीआर लैब बनाए जाने का स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. कर्मचारियों के अनुसार इतने बड़े कैंपस में कहीं और इसका निर्माण होना चाहिए ना कि रेजिडेंशियल एरिया में निर्माण किया जाना चाहिए. आरटीपीसीआर लैब के लिए एक दिन पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने घोषणा की थी, जिसके बाद वहां आरटीपीसीआर लैब बनाया जा रहा था. इसका विरोध वहीं के कर्मचारियों ने कर दिया. इस मामले को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जमकर बवाल काटा. इस दौरान उन्हें अस्पताल के मैनेजर ने समझाने की कोशिश की और इस मामले को जिले के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कहीं है. जानकारी देते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी रवींद्रनाथ ठाकुर ने कहा कि जिस जगह पर लैब निर्माण होने के लिए स्थल का चयन किया जा रहा है, उस स्थान पर लैब के निर्माण होने से स्वास्थ्य कर्मचारियों को तिहरी मार झेलनी पड़ सकती है क्योंकि पार्किंग स्थल के निकट स्टाफ के रहने का क्वार्टर है. बच्चे खेलते हैं. उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल पर लैब बनने से पार्किंग स्थल खत्म हो जाएगी, बच्चे के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा, आसपास रहने वाले कर्मचारियों के संक्रमित होने का डर बन जाएगा, जिस स्थान पर चयन किया गया है उसके ऊपर आम रोगी रहते हैं, उनकी जान खतरे में पड़ जाएगी. उन्होंने कहा कि पूरे अस्पताल परिसर में इतना जगह होने के बावजूद पार्किंग स्थल में लैब बनाया जाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि लैब का कोई विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि जिस स्थान का चयन हो रहा है उसका विरोध किया जा रहा है. इस मामले में जमशेदपुर के सिविल सर्जन एके लाल ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था, जब यह मामला उनके संज्ञान में आया है तो ऐसे में इस मामले से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे ताकि कुछ निष्कर्ष निकल सके.



