जमशेदपुर : जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में नगर निकायों के माध्यम से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, राजस्व संग्रहण पर विस्तृत चर्चा हुई. अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, सभी सहायक नगर आयुक्त समेत एई, जेई, सिटी मैनेजर व अन्य कर्मी उपस्थित रहे. बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी नगर निकायों में मदवार योजनाओं की स्थिति, स्वीकृत कार्यों की संख्या, निविदा प्रक्रिया, अनुबंध उपरांत कार्यादेश निर्गमन तथा कार्य प्रगति की बारीकी से समीक्षा की. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का कार्यान्वयन तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए ताकि शहरी क्षेत्र के नागरिकों को सुविधाएं समय पर प्राप्त हो सकें. वहीं आंतरिक स्रोतों से राजस्व संग्रहण में वृद्धि लाने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त द्वारा विशेषकर शहरी ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने को लेकर अवैध पार्किंग पर जुर्माने की कार्रवाई, ऑनलाइन चलाने भेजे जाने, नए पार्किग स्थलों का विकल्प तलाशने, मानगो बस स्टैंड को व्यवस्थित करने, पार्किंग स्थल का टेंडर जारी करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सेवाएं जैसे पेयजल आपूर्ति, सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक स्वच्छता, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, शहरी परिवहन व्यवस्था प्रभावी ढंग से मुहैया कराना नगरीय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने निर्देश दिया कि इन सुविधाओं के संचालन में आवश्यक समन्वय बनाते हुए कार्य करें और नियमित निरीक्षण के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी की जाए.(नीचे भी पढ़े)

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बिरसानगर में पूर्ण हो चुके आवासों को आवश्यक नागरिक सुविधाएं बहाल करते हुए लाभुकों को शीघ्र हैंडओवर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि लाभुकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिले, यह सुनिश्चित करना नगर निकायों की जिम्मेदारी है. उपायुक्त ने भवन निर्माण कार्य में नक्शा नियमों के उल्लंघन पर स्पष्ट निर्देश दिया कि नक्शा विचलन कर निर्माण करने वाले भूस्वामियों पर सतत निगरानी रखी जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि अव्यवस्थित और अवैध निर्माण पर रोक लग सके. नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त ने डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली, समाधान तंत्र तथा ट्रैकिंग एवं निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक मजबूत डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाए, जिससे नागरिक अपनी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज कर सकें, उनकी स्थिति ट्रैक कर सकें और समयबद्ध समाधान पा सकें. इस दिशा में तकनीकी समाधान अपनाने के निर्देश दिए गए. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमइ), पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवेदनों की भी समीक्षा की गई.(नीचे भी पढ़े)
उपायुक्त ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि इन आवेदनों के तहत ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और बैंकों से समन्वय कर लाभुकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), मुख्यमंत्री श्रमिक योजना सहित अन्य योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने और हर स्तर पर पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए. जलापूर्ति से संबंधित योजनाओं के संचालन और मेंटेनेंस का कार्य नगर निकायों खुद से करें, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को जिम्मेदारी मुक्त करें. सभी नगर निकायों को नागरिक केंद्रित प्रशासन एवं योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु समर्पित भाव से कार्य करने की बात कही गई ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके.











