रांची : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में अपना बयान दिया है. उन्होंने रामगढ़ में गुरूजी शिबू सोरेन की प्रतिमा के अनावरण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि सरकार की अपनी आंख, कान नाक है. वह इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. हम कितनी गंभीरता के साथ चीजों को देख रहे है, यह हम सीना चीरकर नहीं दिखा सकते. हम जिसके पीछे पड़ते है, उस काम को हर हाल में पूरा करते है. जिस तरह से जांच टीम दिन रात काम कर रही है. हम उसके जवाब और नतीजे का इंतजार कर रहे है. बहुत जल्द हम छात्रों और राज्य की जनता को इस बारे में जानकारी देंगे. छात्रों की सभी जरूरतें पूरी की जायेगी और उन्हें न्याय मिलेगा. इस मुद्दे पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि जरूरत पड़ेगी तो कमेटी बनेगी, बातचीत भी होगा. लेकिन अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले को लेकर हम लोग पूरी तरह गंभीर है. जल्द बेहतर रिजल्ट आयेगा. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने इस मुद्दे पर कहा कि छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर समाधान निकालने का प्रयास चल रहा है. झारखंड सरकार इसको लेकर गंभीरता से काम कर रही है. गौरतलब है कि छात्र संगठनों द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा है. जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा को लेकर आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. इस मुद्दे को लेकर वे लोग आंदोलन को तेज कर रहे है. वहीं, सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम उठाती नजर नहीं आ रही है, जिस कारण पूरे देश के स्तर पर इस विरोध को समर्थन मिलने लगा है.







