
रांची : झारखंड में एक बार फिर से कोरोना वायरस की महामारी लगातार बढ़ती जा रही है. आपको बता दे कि कोरोना वायरस की संख्या 103 पहुंच गई है. सोमवार को अकेले एक दिन में 20 केस सामने आया है. ज्ञात हो कि रविवार को भी कुल 16 केस आये थे . झारखण्ड में अब तक सोमवार को सबसे ज्यादा केस सामने आया है .आज के रिपोर्ट में भी रांची में ही अधिकांश मरीज सामने आये है. झारखंड की राजधानी रांची पूरी तरह कोरोना वायरस की चपेट में आ चुकी है. वहां अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मचारी , एम्बुलेंस ड्राइवर से लेकर हर स्तर के लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके है जिसमें रांची के हिंदपीढ़ी में दो, रांची के ही इटकी में 3, बेड़ो में 2 समेत अन्य इलाको में भी मरीज सामने आये है . कल तक झारखण्ड में कुल 83 मरीज पाए गये थे , जिस प्रकार सिर्फ सोमवार को कुल 20 केस सामने आया. अब यह केस लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य में लगातार बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। झारखण्ड में कोरोना के रफ़्तार में काफी बढ़ोतरी हुयी है. अब अगर जनता इस मामले में और भी गंभीर नही होती है तो स्थिति कुछ भी हो सकती है. इसलिए आवश्यकता है की सामाजिक दुरी को बरक़रार रखे और लॉक डाउन का गंभीरता से पालन करे .
इधर जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के वायरोलॉजी लैब में हजारीबाग, बोकारो जैस हाट स्पाटों के सैंपल आने से एमजीएम अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार शाम तक वार्ड में मरीजों की संख्या 58 तक पहुंच गई है। इससे वार्ड में तैनात डाक्टर,नर्स व पारा मेडिकल के अलावा अस्पताल प्रबंधन भी सकते में है। वार्ड के मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय कुमार व उपाधीक्षक ़डॉ. नकुल चौधरी लगातार खुद वार्ड की मानिटरिंग कर रहे हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अधिक से अधिक सैंपल की जांच करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से सभी लैब के लिए जिला निर्धारित किया गया है। एमजीएम वायरोलॉजी लैब के लिए कोल्हान के अलावा हजारीबाग, बोकारो जैसे हाटस्पाट जिला भी निर्धारित किया गया है। ऐसे में इन जिलों से आने वाले सैंपल की जांच प्राथमिकता के साथ की जा रही है क्योंकि सरकार का ही गाइडलाइन है कि हाटस्पाट वाले क्षेत्रों के सैंपल की जांच पहले की जाए। इसी गाइडलाइन के अनुसार अब तक कोल्हान में मरीज नहीं होने से यहां के सैंपल की जांच बाद में तथा जिन जिलों में मरीज मिल चुके हैं वहां के सैंपल की जांच पहले की जा रही है। वहीं सरकारी आदेशानुसार जब किसी संदिग्ध मरीज के सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ जाता है तब तक उसे आइसोलेशन वार्ड में ही रखना होगा। इसलिए एमजीएम आइसोलेशन वार्ड में मरीजों की संख्या पहली बार 58 पहुंच गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि अभी मरीजों की संख्या बढ़ी है लेकिन उम्मीद है मंगलवार तक कई संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट आ जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आइसोलेशन वार्ड की हर घंटे मानिटरिंग की जा रही है ताकि वहां रहने वाले मरीजों को कोई परेशानी न हो।













