रांची : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) और एएसडीडी सूची का प्रकाशन कर दिया गया. यह सूची राज्य के सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध करा दी गई है.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्थायी और महत्वपूर्ण दस्तावेज है. इसलिए प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को इसमें अपना नाम अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची भविष्य में भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज के रूप में उपयोग की जाएगी.उन्होंने बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं, मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से सुधार भी कराया जा सकता है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य में अब तक 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त और डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 83.51 प्रतिशत है. जबकि विभिन्न कारणों से करीब 43.61 लाख गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि मतदाता ईसीआईनेट मोबाइल एप, voters.eci.gov.in और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड की वेबसाइट के माध्यम से अपना नाम ऑनलाइन देख सकते हैं. वेबसाइट पर “SIR Draft Roll 2026” और “SIR ASDD List 2026” लिंक उपलब्ध कराए गए हैं.जिला, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र का चयन कर मतदाता संबंधित पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं. एएसडीडी सूची में प्रत्येक नाम के साथ सूची में शामिल किए जाने का कारण भी अंकित है. ऑफलाइन व्यवस्था के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रारूप मतदाता सूची और एएसडीडी सूची की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय कार्यालयों के सूचना पट्ट पर भी इनका प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अलावा सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए -2), जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीईओ), निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ ) और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ ) कार्यालयों में भी सूची उपलब्ध रहेगी.(नीचे भी पढ़े)
के. रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे स्वयं अपना नाम और विवरण जांचें और अपने परिवार, पड़ोस, मित्रों और अन्य पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने एवं त्रुटियों के सुधार के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए.
उन्होंने कहा आपत्ति की प्रक्रिया 5 अगस्त से 4 सितंबर तक चलेगी. इसके बाद 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक नोटिस, सुनवाई और सत्यापन की कार्रवाई होगी. अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना नोटिस जारी किए और कारणयुक्त आदेश पारित किए किसी भी मतदाता का नाम प्रारूप मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा. यदि किसी मतदाता को किसी निर्णय पर आपत्ति होगी तो उसे अपील करने का भी पूरा अधिकार रहेगा.







