
रांची : झारखंड में नयी सरकार ने कमान संभाल ली है. नयी सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित हो चुकी है और नयी विधानसभा की भी शुरुआत सोमवार को हो गयी. इसके साथ ही स्थिति झारखंड विधानसभा की साफ हो गयी. प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी ने पहले सारे विधायकों को बारी-बारी से पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सबसे पहले बरहेट विधानसभा से अपनी शपथ ली.

हेमंत सोरेन इस बार बरहेट और दुमका, दोनों ही सीटों से चुनाव जीत गये थे. इस कारण कयास लगाया जा रहा था कि बरहेट विधानसभा से हेमंत सोरेन इस्तीफा दे देंगे, लेकिन हुआ ठीक उलटा. हेमंत सोरेन ने बरहेट सीट को अपने पास रख लिया और दुमका सीट को छोड़ दी. अब दुमका के लिए अलग से चुनाव होगा.

दुमका विधानसभा सीट सोरेन परिवार का गढ़ माना जाता है. दुमका से हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना को चुनाव लड़ा सकते है, जिसकी घोषणा होनी बाकि है. दूसरी ओर, झामुमो ने लगभग तय कर लिया है कि नाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवींद्र नाथ महतो को ही विधानसभा अध्यक्ष बनवाया जायेगा. रवींद्र नाथ महतो झामुमो के वरिष्ठ नेता है और तीन बार विधायक बन चुके है.

दूसरी ओर, सोमवार को नये विधानसभा के गठन के साथ सभी विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी. इस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव में हराकर विधानसभा पहुंचे सरयू राय पर सबकी निगाहें थी. सरयू राय ने शपथ लेने के बाद विपक्ष के ही खेमे में अपनी सीट को आरक्षित कर लिया. वैसे वे निर्दलीय विधायक है और अगर वे सत्ता में शामिल नहीं होते है तो विपक्ष में ही बैठना उनके पास विकल्प होगा.

दूसरी ओर, जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी ने विधानसभा जाने के पहले चांडिल में गुरुजी शिबू सोरेन के ससुराल गये और हेमंत सोरेन के मामले का साथ रांची पहुंचे और शिबू सोरेन का भी आर्शीवाद लिया. इसके बाद वे समाजसेवी निखार सबलोक और गोलू भाटिया के साथ रांची विधानसभा गये. उनका यहां पहुंचने पर पुराने विधायकों ने स्वागत किया. इसके अलावा कोल्हान के सारे विधायकों ने भी शपथ ले ली.







