- सभी अधिकारी और कर्मी संवेदनशील होकर कार्य करें, कार्य के दौरान सेवा भावना को सबसे ऊपर रखें : हेमन्त सोरेन

चाईबासा/जमशेदपुर : समाचार पत्रों में एक अनाथ बच्ची को भोजन में केवल भात दिए जाने संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने चाईबासा के उपायुक्त को मामले की जांच करने और दोषी लोगों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री की पहल पर उपायुक्त ने स्वयं अस्पताल जाकर पूरे मामले की जांच की। बच्ची को केवल भात परोसे जाने और सब्जी दाल देने में विलम्ब करने वाले कर्मी को तत्काल प्रभाव निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि दोनों बच्चियां अभी ठीक हैं और उन्होंने स्वयं उनसे मिलकर बात की है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन स्वयं अपनी निगरानी में बच्चियों के भोजन समेत अन्य देखभाल कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं देखेंगे कि बच्चों को हरसम्भव सहायता मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के सभी अधिकारी और सभी कर्मी संवेदनशील होकर कार्य करें। कार्य के दौरान सेवा भावना को सबसे ऊपर रखें।
उपायुक्त अरवा राजकमल ने बताया कि पिछले दिनों टोंटो में हुए दोहरे हत्याकांड में घायल बच्चियों के इलाज के लिए ट्विटर पर मुख्यमंत्री का निर्देश प्राप्त हुआ था। इस निर्देश के आलोक में सदर अस्पताल जाकर इलाज में लगे डॉक्टर, इलाजरत घायल बच्चियों एवं वहां उपस्थित ग्रामीणों से वार्ता कर इलाज से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त की गयी। उपायुक्त ने बताया कि मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मंजू दुबे की देखरेख में बच्चियों के समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ ही पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस घटना पर जिला प्रशासन के द्वारा पूर्ण निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा से वार्ता कर इलाजरत बच्चियों की सुरक्षा की भी व्यवस्था कर दी गई है। उपायुक्त ने बताया मुख्यमंत्री के द्वारा ट्विटर के माध्यम से बच्चियों के संपूर्ण इलाज एवं देखभाल से संबंधित निर्देश प्राप्त हुआ था। घायल बच्चियों को खाने में सिर्फ चावल मिलने का मामला सामने आया था जिस पर संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की देखरेख में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि घटना में घायल एक बच्ची का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है एवं दूसरी घायल बच्ची को बेहतर इलाज के लिए टीएमएच भेजा गया है। इसके साथ ही चाइल्ड लाइन के माध्यम से भी हर आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास जिला प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है।








