मेदिनीनगर : रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत बाजार परिसर स्थित प्रधानमंत्री वन धन विकास केंद्र एवं चारा निर्माण इकाई का जिले की उपायुक्त समीरा एस ने रविवार को उद्घाटन किया. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन, अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा, प्रशिक्षु आइएएस हिमांशु लाल, प्रशिक्षु आइएफएस अनीता केरकेट्टा तथा रामगढ़ के मुखिया उमाशंकर प्रसाद उपस्थित रहे. कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया. (नीचे भी पढ़ें)
उद्घाटन समारोह में उपायुक्त समीरा एस ने कहा कि रामगढ़ जैसे आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया जाना एक सकारात्मक पहल है. इससे स्थानीय महिलाओं, विशेषकर स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. उन्होंने बताया कि वन धन विकास केंद्र के माध्यम से दोना-पत्तल का निर्माण, प्रसंस्करण एवं विपणन किया जाएगा. वहीं, चारा निर्माण इकाई के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पशु चारा उपलब्ध होगा, जिससे पशुपालकों को लाभ मिलेगा तथा महिलाओं की आय में वृद्धि होगी. उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने कहा कि इन इकाइयों के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा स्वयं सहायता समूह की दीदियों को उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा. उन्होंने दीदियों से आह्वान किया कि वे उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग आय-सृजन गतिविधियों में करें. (नीचे भी पढ़ें)
अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा ने दीदियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं विस्तार पर बल दिया. प्रशिक्षु आइएएस हिमांशु लाल ने कहा कि चारा निर्माण इकाई के नियमित संचालन एवं उत्पादन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा साथ ही, उत्पादित चारा की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग कर उसे व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके. इस अवसर पर रामगढ़ के मुखिया उमाशंकर प्रसाद ने जेएसएलपीएस की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से ग्रामीण महिलाएं सशक्त हो रही हैं. उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर जिला प्रबंधक नवल किशोर राजू, शेखर लाल, सौरभ कुमार, बीपीएम सुमित कुमार, आदित्य रंजन, सैनूल अंसारी, उमेश कुमार, कृष्णा कुमार, स्वयं सहायता समूह की दीदियां, कैडर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.




