
रांची : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना पुलिस ने सीआइएसएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम कुमार मंडल और संतोष कुमार रजक शामिल है. पुलिस गिरफ्त में आए दोनों जालसाजों में प्रेम कुमार कुमार मंडल मूल रुप से गोड्डा जिला के अमजोरा पिरोजपुर का रहने वाला है वहीं संतोष कुमार रजक बिहार के कैमूर जिले के नकतौल का रहने वाला है. दोनों वर्तमान में पुंदाग के विनय प्रसाद के घर में किराये में रहकर अपनी जालसाजी की दुकान चलाते थे. धुर्वा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी शिक्षित बेरोजगार युवकों को सीआइएसएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कागजातों के जरिये ठगी करने का काम करते थे. इन दोनों के खिलाफ उत्तराखंड के ग्राम रौल निवासी सचिन सिंह ने 4 फरवरी को थाने में लिखित शिकायत कर बताया गया था कि दोनों ने उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर उनका ओरिजनल सर्टिफिकेट ले लिया और 4 लाख रुपये की ठग कर ली है. शिकायत के आधार पर की गयी तफ्तीश में यह पता चला कि इन दोनों ने संतोष और प्रेम के अलावा अन्य 20-25 युवकों से भी 3-3 हजार की ठगी की है. उसके बाद पुलिस छापामारी कर दोनों जालसाजों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने सीआइएसएफ का फर्जी मुहर, फर्जी वर्दी के साथ बेरोजगार
युवकों को शैक्षिणिक प्रमाण पत्र के साथ बहाली से संबंधित फर्जी कागजातों को बरामद किया है. छापामारी दल का नेतृत्व कर रहे थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार, दोरोगा विवेक कुमार, धनंजय गोप, प्रवीण कुमार तिवारी, महानन्द कुमार, सुभाष कुमार महतो के अलावा हवलदार जाकिर हुसैन सहित सूरज खड़िया और अमित कुमार ने अहम भूमिका निभाया.






