
जमशेदपुर : शहर में तीन महीने वाहन जांच में ढील देने के बाद बुधवार को प्रमुख चौक-चौराहो पर पुलिस ने नये नियम के अनुसार वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया. इस दौरान वाहन जांच करते देख बिना हेलमेट वालों के बीच अफरा-तफरी मच गई. जांच होते देख सभी अपना रास्ता बदलते नजर आए, इधर जो बिना हेलमेट पकड़ाए वे पैरवी के लिए फोन कर रहे थे. ज्ञात हो कि नए मोटर वेहिकल एक्ट के तहत जुर्माना की राशि को बढ़ा दी गयी है. नियम के विरुद्ध कई लोग सड़कों पर उतर आए थे, जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने कागजात बनवाने के लिए तीन महीनों की छूट दी थी.
सर कोर्ट का स्टॉफ हूं, गाड़ी छोड़ दीजिए
वाहन पकड़ाने के बाद सभी अपनी-अपनी पैरवी करते नजर आए. इस बीच अपने बेटे का वाहन छुड़वाने आये एक व्यक्ति ने साकची ट्रैफिक थाना प्रभारी केके पांडा से कहा की वह कोर्ट का स्टाफ हैं, इसलिए उनकी गाड़ी छोड़ दी जाए. वहीं एक मोहतरमा को जब पुलिस ने पकड़ा तो उन्होंने थाना प्रभारी से यह तक कह डाला कि वह एनसीसी से हैं और वह बिना हेलमेट के चल सकती हैं. प्रभारी केके पांडा ने किसी से फोन पर बात करने से साफ तौर पर मना कर दिया. जिसने फाइन दिया उनकी गाड़ी को छोड़ दी गया और जिसने नहीं दिया उसकी गाड़ी को क्रेन से उठा कर थाना ले जाया गया.
ये हैं नयी दरें
बिना हेलमेट : 1000
बिना डीएल : 5000
प्रदूषण : 10000
नो पार्किंग : 500
बगैर सीट बेल्ट : 1000
ट्रिपल राइड : 2000
काला शीशा : 10000








