जमशेदपुर: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय ग्राफिटी प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि आदित्यपुर नगर निगम के महापौर ,(मेयर) संजय सरदार, सम्मानित अतिथि सिरसेन्ध दे, प्रोफेसर आईआईटी खड़गपुर, विशिष्ट अतिथि संध्या शंभू एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक शंभू नाथ महतो सह संध्या महतो चेयरमैन सुखदेव महतो, प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह उप प्रधानाचार्य श्रीमती श्वेता गुहा राय के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय “भारत @2026 जहां परंपराओं और तकनीक का संगम”रखा गया. इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को कला के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक तकनीकी विकास और उभरते नए भारत की परिकल्पना को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करना था.(नीचे भी पढ़े)

प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल एवं रचनात्मक सोच का परिचय दिया. प्रतिभागियों ने रंगों और आकर्षक चित्रों के माध्यम से भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता, वैज्ञानिक प्रगति, डिजिटल भारत तथा आधुनिक तकनीक के विभिन्न पहलुओं को अपनी कलाकृतियों में जीवंत रूप प्रदान किया. आज के मुख्य प्रतियोगिताएं- नोबेल टेल्स जिसके निर्णायक मंडली के सदस्या डॉ नुपूर शर्मा, प्रोफेसर आरका जैन विश्वविद्यालय श्रीमती जयश्री शर्मा, सेवानिवृत्त एचओडी लोयला स्कूल, 2- म्यूरल म्यूज निर्णायक सदस्य श्रीमती डी तुलसी पीजीटी विभाग विजवल आर्ट, अभिजीत गुप्ता की थी की आर्ट विद्या भारती चिन्मया विद्यालय तोमर सेन गुप्ता एचओडी फाइन आर्ट चिन्मया विद्यालय साउथ पार्क.(नीचे भी पढ़े)

3- मुट कोर्ट राजेश कुमार शर्मा पब्लिक प्रोसिक्यूटर सेवानिवृत्त झारखंड सरकार, शंकर सिंह एडवोकेट सिविल कोर्ट जमशेदपुर, सुब्रमण्यम एडवोकेट झारखंड हाईकोर्ट एवं सिविल कोर्ट जमशेदपुर, 4-आर्यभट्ट टू एआई विजय पाल पीजीटी गणित, वीएसएस प्रश्न चिल्ड्रन वाल्ड स्कूल सोनारी, शनि केशरी मिट्जी जमशेदपुर साइंस ऑडिसी निर्णायक अभय प्रताप , प्रताप क्लासेस आदित्यपुर, रामाकांत काशीडीह हाई स्कूल पीजीटी जीव विज्ञान.पहले दिन विद्यार्थियों के बीच उत्साह, प्रतिस्पर्धा और कलात्मक अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. (नीचे भी पढ़े)

निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की मौलिकता, विषय की समझ, रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रस्तुति के आधार पर उनकी कृतियों का मूल्यांकन किया. विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्य ने सभी प्रतिभागियों, मार्गदर्शक शिक्षकों और आयोजन से जुड़े सदस्यों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं. अंत में प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी शिक्षकों छात्रों एवं निर्णायक मंडली के सदस्यों का आभार व्यक्त किया.












