
जमशेदपुर : टाटा स्टील के शेयरधारकों को बड़ा झटका लगा है. टाटा स्टील के कारोबार में आयी गिरावट और कोरोना वायरस के कारण कारोबारी नुकसान को देखते हुए टाटा स्टील ने अपने शेयरधारकों के डिविडेंट (लाभांश) में कमी ला दी गयी है. तीन रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड में कमी लायी गयी है. पिछले वित्तीय वर्ष 2018-2019 में जहां टाटा स्टील ने अपने शेयरधारकों को बेहतर स्थिति होने के कारण 13 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड दिया था, वहीं बीते वित्तीय वर्ष 2019-2020 में 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड दिया जायेगा. इस मद में टाटा स्टील 2019-2020 के लिए शेयरधारकों को 1,14,593.05 लाख रुपये का भुगतान करेगी जबकि बीते साल 2018-2019 में 1,79,587.42 लाख रुपये का भुगतान इस मद में की थी. इसकी मंजूरी टाटा स्टील के वार्षिक आमसभा में होने जा रही है.

टाटा स्टील की ओर से जारी किये गये सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है कि इस साल का वार्षिक आमसभा 20 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये किया जायेगा, जिसके लिए शेयरधारकों को पहले रजिस्ट्रेशन करा लेना है. 20 अगस्त को दोपहर तीन बजे से आमसभा का आयोजन होगा, जो इस बार वर्चुअल तरीके से ही आयोजित किया जायेगा. इस बार की आमसभा में टाटा स्टील के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को डायरेक्टर के तौर पर फिर से उनको मंजूरी आमसभा में ली जायेगी. इसके अलावा निदेशक के तौर पर मल्लिका श्रीनिवासन, ओपी भट्ट को भी मंजूरी भी फिर से मंजूरी ली जायेगी क्योंकि उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है और नियमत: उनको भी आमसभा में फिर से निदेशक में शामिल करने के लिए मंजूरी ली जायेगी. टाटा स्टील ने अपना विजन भी वार्षिक आमसभा में साफ किया है और बताया है कि टाटा स्टील वर्ष 2025 तक हर हाल में सालाना 25 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करने लगेगी. अभी टाटा स्टील करीब 20.6 मिलियन टन की क्षमता के तहत उत्पादन कर रही है.





