जमशेदपुर : टाटा स्टील ने रक्तदान को लेकर बड़ा कदम उठाया है. हालांकि, यह कदम पहले से ही उठाया गया है, लेकिन इसका सरकुलर फिर से जारी किया गया है. रक्तदान एवं रक्तदाताओं के प्रोत्साहन के लिए एक सर्कुलर मानव संसाधन प्रबंधन के उपाध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी किया गया, जिसमें यह कहा गया है कि कम्पनी अब कर्मचारियों द्वारा किसी के जरूरत पर रिप्लेसमेंट के रूप में दिये गये रक्तदान को भी कर्मचारियों के स्वैच्छिक रक्तदान के रूप में मान्यता देगी और उसे उस सूची में स्थान मिलेगा, जिससे समय-समय पर रक्तदान का स्तर प्राप्त करने पर कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के कुछ जागरुक रक्तदाताओं ने कम्पनी प्रबंधन के समक्ष इस बात को रखा था कि कोई भी व्यक्ति अगर किसी के जरूरत के समय रक्तदान करता है तो यह भी एक स्वैच्छिक रक्तदान का ही रूप से जिससे कर्मचारी किसी के जीवन को बचाने का प्रयास करता है और ऐसे प्रयास की सराहना की जानी चाहिए क्योंकि इससे पूर्व इस तरह के किये गये रक्तदान की गणना स्वैच्छिक रक्तदान के रूप में नहीं की जाती है और कर्मचारियों के रक्तदान की गणना में न आने के कारण 25, 50 या उससे अधिक बार में यह नहीं जुटता और कर्मचारी कम्पनी द्वारा रक्तदान के प्रोत्साहन पुरस्कार से वंचित रह जाते थे. इसको लेकर पेड हॉलीडे भी मिलेगा. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के इस घोषणा से नियमित रूप से रक्तदान करने वाले कर्मचारियों में हर्ष है. इस विषय में रेड क्रॉस के एसडीपी डोनेशन प्रभारी व टाटा स्टील कर्मी तथा 50 बार से अधिक रक्तदान कर चुके प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि कम्पनी के इस सर्कुलर से रक्तदान करने वाले कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा और वे जरूरत पड़ने पर निसंकोच किसी के लिए रक्तदान कर सकेंगे. उन्होने कहा कि चूंकि रिप्लेसमेंट को कम करना भी जरूरी है, इसलिए नियमित रक्तदान करने वाले समय पर रक्तदान करेंगे तो हर जरुरतमंद को रक्त मिल पायेगा.











