जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मीटिंग में सोमवार को जोरदार हंगामा हुआ. इस दौरान हाथापायी की नौबत आ गयी. अध्यक्ष समर्थक और विरोधी कमेटी मेंबर आपस में भिड़ गये. बाद में लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और बिना किसी चर्चा के चार माह का एकाउंट पारित हो गया और फिर पिछले मीटिंग के मिनट्स को पारित कर दिया गया. सुबह 9 बजे तय समय के अनुसार टाटा वर्कस यूनियन के कमेटी मीटिंग की शुरुआत हुई. पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद इस सत्र में सेवानिवृत हुए कमिटी मेंबर अब्दुल रफीक, शिव शंकर सिंह, आशीष प्रधान और संजय कुमार सिंह को सम्मानित किया गया. इस दौरान आशीष प्रधान ने अपने सम्बोधन में यूनियन नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसा ग्रेड रिवीज़न करके आपने कर्मचारियो का भविष्य खराब कर दिया हैं, इससे बेहतर होता कि आप ग्रेड करते ही नहीं, ऐसा कोई काम मत करिये कि लोग आपसे बाज़ार में मिले तो आपको कर्मचारियो का तिरस्कार न झेलना पड़े. इसके बाद अध्यक्ष ने नितेश राज को मिनट्स पढ़ने को कहा. जैसे ही नितेश मिनट्स पढ़ने की शुरआत की. (नीचे भी पढ़ें)
सिंटर प्लांट के कमिटी मेंबर सह पूर्व उपाध्यक्ष शिवेश वर्मा मंच पर आ गए. उन्होंने कहा कि मिनट्स पढ़ने के पूर्व यूनियन नेतृत्व विगत दिनों सम्पन्न हुए ग्रेड रिवीज़न के विषय में बताए ग्रेड पर जवाब दीजिए और जवाबदेही लीजिए. हर ग्रेड में कुछ विसंगतियां होती हैं पर इतनी बड़ी संख्या में कभी नहीं हुई. शिवेश वर्मा ने कहा कि आप लोग ड्यूटी नहीं जाते हैं इसलिए आप लोगों को जनता को जवाब नहीं देना पड़ता हैं. इसके बाद कई सारे कमिटी मेंबर मंच के पास जुट गए और बैठक की कार्यवाही रुक गई और सदन में अगले कुछ समय तक कार्यवाही रुक गई. इसी बीच फ्लैट प्रोडक्ट प्लानिंग विभाग के विमल कुमार मंच पर चढ़कर ग्रेड का बचाव करने लगे. अध्यक्ष समर्थक मंच पर जुट गये. इसके बाद कई और कमिटी मेंबर विमल कुमार द्वारा ग्रेड के बचाव करने पर उसका जोर जोर से जोर से विरोध करने लगे जबकि ग्रेड का बचाव कर रहे बिमल कुमार के समर्थन में विभाष शुक्ला, शैलेन्द्र राय, ओमप्रकाश बमबम, विवेक भारद्वाज, निरंजन कुमार, गुलाब यादव, दिनेश कुमार, निशांत जायसवाल, विजेंद्र साह, विवेक विक्की राय, नीरज पराशर, अरविन्द यादव, संतोष सिंह, अमनदीप पर चढ़ गए. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, शिवेश वर्मा के समर्थन और अध्यक्ष के विरोधी कमेटी मेंबरों का भी जुटान हो गया. विरोध में संतोष पांडेय, मारुती नंदन पांडेय, राजेश कुमार सिंह, बिभाकर राय, प्रदीप दुबे, अश्विनी माथन, ज्ञान रंजन, देवेन मिस्त्री, मनोज कुमार, पिलेट प्लांट के संतोष पांडेय, अमित कुमार सिंह, अरुण श्रीवास्तव, राज कुमार, उमेश सिंह, नीलेश कुमार, अभिनन्दन आदि मंच के पास जुट गए. इसी बीच माइक बंद कर दिया गया. इस दौरान मंच पर काफी भीड़ भाड़ हो गई और सारे पदाधिकारी अपने आसन से उठ गए और बहस में शामिल हो गए. अध्यक्ष खुद मंच के बीचो बीच आ गये. इसी बीच उपाध्यक्ष संजय कुमार और नितेश राज के बीच बहस होने लगी और दस से पंद्रह मिनट तक सदन की कार्यवाई बाधित हो गई. इसी बीच अध्यक्ष अपना आसन छोड़कर पोडियम पर आ गए. ग्रेड पर अपनी सफाई देने लगे. (नीचे भी पढ़ें)
इसी बीच महामंत्री सतीश सिंह ने अध्यक्ष को टोकते हुए कहा कि रजिस्टर्ड रिलेशन के तहत नियोजित किए गए 500 कर्मचारी अनोमलीज़ के दायरे में आने ही नहीं चाहिए क्योंकि सबका चयन साथ साथ हुआ था. इसके बाद अध्यक्ष और महामंत्री में आपस में बहस होने लगी. इसी डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह भी अध्यक्ष के समर्थन में बहस में कूद पड़े. दोनों पक्षो के बीच बचाव के बाद जब माहौल शांत हुआ तो अध्यक्ष ने पुनः नितेश राज को मिनट्स पढ़ने को कहा पर सदन ने बिना उनके पढ़े हुआ ही मिनट्स पास कर दिया. इसके बाद अध्यक्ष के अनुरोध पर कोषाध्यक्ष आमोद दुबे ने एकाउंट्स पढ़ने के लिए आए पर सदन ने तत्काल ही उसे भी पास कर दिया. इसके बाद अध्यक्ष ने आनन फ़ानन में बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी.








